पुलिस अफसरों की लापरवाही और चूक का इस फर्जीवाड़े से बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि साप्ताहिक परेड में शामिल होने के बाद भी अफसर धोखेबाज सिपाही सुनील को पकड़ नहीं सके।
पांच साल तक सिपाही अनिल कुमार की जगह नौकरी करने वाला उसका साला सुनील कुमार पुलिस लाइन में होने वाली साप्ताहिक परेड में भी शामिल होता था। जिसमें उसकी फिटनेस, वर्दी पहनने और सेल्यूट करने के तौर तरीकों को अधिकारी चेक करते थे। जिसमें वह कभी फेल नहीं हुआ। इतना ही नहीं चरित्र पंजिका पर भी उसके बहनोई अनिल कुमार का ही फोटो चस्पा है। इसके बावजूद सुनील कभी नहीं पकड़ा गया।
पुलिस लाइन में शुक्रवार को साप्ताहिक परेड होती है। हालांकि कोरोना काल की वजह से पिछले दो साल में बीच-बीच में शुक्रवार को होने वाली परेड कैंसिल भी कर दी गई थी। मगर इससे पहले लगातार परेड की जा रही थी। इस परेड में यूपी-112 की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के दस-दस वाहन और उन पर तैनात पुलिस कर्मियों को हर सप्ताह बुलाया जाता था। एक वाहन का माह में एक बार नंबर आ जाता था। इसके अलावा पीआरवी को 26 जनवरी को होने वाली परेड में भी शामिल किया जाता है। आरोपी सुनील ने पूछताछ में बताया है कि वह भी पीआरवी के साथ पुलिस परेड में आता था।