मुरादाबाद। फैसल एजुकेशनल सोसायटी के मामले में नागफनी थाने की पुलिस ने सहायक निबंधक, पूर्व प्रधानाचार्या सहित 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और षडयंत्र करने का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि संस्था के निष्कासित व्यवस्थापक ने अध्यक्ष का कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर निबंधक कार्यालय में प्रस्तुत किया था। इस मामले में सहायक निबंधक पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है।
संभल जिले के शाहपुर डसर पाकबड़ा असमौली निवासी मोहम्मद रजा ने अपर पुलिस महानिदेशक को 10 मई 22 को प्रार्थनापत्र देकर अवगत कराया कि वह फैसल एजुकेशनल सोसायटी एमबीडी -53 की साधारण सभा का वास्तविक सदस्य है। संस्था बारादरी स्थित सहायक रजिस्ट्रार फर्म सोसायटी एंड चिट्स 1991 से पंजीकृत है। सोसायटी से दो इंटर कालेज और एक डिग्री कालेज संचालित है। संस्था के व्यवस्थापक जुल्फेकार अली को आठ अप्रैल 2021 को संस्था विरोधी गतिविधियों के चलते पद से हटा दिया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद जुल्फेकार ने विद्यालयों पर कब्जा करने की नीयत से पूर्व प्रधानाचार्य नीलम यादव, फतेहपुर मैनाठेर निवासी जाने आलम, ताहरपुर निवासी हारून, करुला मझोला निवासी शमीम, मुरादाबाद जिले के रहनेवाले मो. फईम, फिरोज अनवर, देवेंद्र कुमार, डूंगर सिंह, पीतम सिंह, आरती यादव, सुधा यादव, सीमा रानी को षडयंत्र में शामिल कर सोसायटी के अध्यक्ष मो. साजिद का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर निबंधक कार्यालय में प्रस्तुत किया। इनमें कार्यवाही रजिस्टर, एजेंडा रजिस्टर, सदस्यता रजिस्टर, कैश बुक और लेजर आदि शामिल हैं। आरोप यह भी है कि सहायक निबंधक भूपेंद्र कुमार और कार्यालय की साठगांठ से सभी 13 लोगों को सोसायटी का सदस्य पंजीकृत कराया गया। इस मामले में सीओ कोतवाली मुरादाबाद ने प्राथमिक जांच की। जांच रिपोर्ट आने के बाद नागफनी पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक सोनू कुमार को सुपुर्द की गई है। इस बारे में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया का कहना है कि मुकदमा दर्ज है। विवेचना के बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी।