बाजार में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ज्यादा दामों का कारण पूछने पर ग्राहकों को बताया जा रहा है कि क्या करें साहब मंडी से ही माल मंहगा मिल रहा है। जबकि हकीकत यह है कि मंडी में जो सब्जियां कम दामों पर उपलब्ध हैं ठेलों पर या बाजारों में वही सब्जियां चार गुना ज्यादा दामों पर बेची जा रही हैं।
शुक्रवार को लाइनपार मंडी समिति में आढ़ती प्रीतम सिंह, दिनेश सिंह व संतराम आदि ने बताया कि लॉकडाउन अवधि की तुलना में सब्जियों के दाम में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि अनलॉक के बाद भी मंडी में ग्राहकों की संख्या कम है। इस समय भी ग्राहकों से सीधे डील करना संभव नहीं हो पा रहा है। तेजी से फैलते संक्रमण के कारण लोग मंडी आने से कतरा रहे हैं। गांवों में या अन्य स्थानों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार भी बंद हैं। इसके चलते दाम बहुत अधिक बढ़ जाना संभव ही नहीं हैं।
आढ़ती राम किशोर सैनी ने कहा कि लॉकडाउन में टमाटर की स्थिति बेहद खराब थी। 6 क्विंटल टमाटर सड़क पर फेंकना पड़ा था। अब स्थिति पहले से सुधरी है लेकिन सब्जियों का स्टाक कम होने या सब्जियां अधिक मंहगी होने जैसी कोई बात नहीं है। शुक्रवार को मंडी की अपेक्षा बाजारों में सब्जियों के दाम तीन से चार गुना अधिक पाए गए। मंडी में 40 रुपये प्रति किलो बिकने वाली मटर बाजार में 160 रुपये प्रति किलो बिक रही है। ऐसे में ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि ठीक तरह मोल भाव करके ही सब्जियां खरीदें। जिससे कोई आपसे मनमाने दाम न वसूल सके।
सब्जियां मंडी भाव बाजार भाव
आलू 15 से 22 30 से 40
मटर 40 160
टमाटर 20 से 30 60
अरबी 12 से 13 40
कटहल 15 35
नींबू 20 60
लौकी 8 15
तुरई 5 15
प्याज 7 15 से 20