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चार को सात-सात साल की सजा: प्रतिबंधित पशु का किया था वध, तीन-तीन लाख का जुर्माना भी लगा

Tue, 15 Sep 2026 02:28 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

डिलारी थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु के वध के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-3 ने सभी को सात-सात साल की सजा और तीन-तीन लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा होगी।
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मुरादाबाद की कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-3 सुरेंद्र कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद डिलारी थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु के वध के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषियों को सात-सात साल के कारावास और तीन-तीन लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।

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डिलारी थाना क्षेत्र में 26 अक्तूबर 2022 को दरोगा मोहित कुमार काजला को सूचना मिली थी कि सुमालखेड़ा के जंगल में पिराई वाले कुंडे के पास प्रतिबंधित पशु का कुछ लोग वध कर रहे हैं। पुलिस ने मौके से फुरकान और वाजिद को हिरासत में ले लिया, लेकिन खालिक और राहत अली उर्फ लल्ला मौके से भाग निकले।

पुलिस ने घटनास्थल से करीब 80 किलोग्राम मांस और पशु के अवशेष के साथ एक कुल्हाड़ी और दो छूरियां बरामद की थी। बाद में विवेचना के दौरान खालिक और राहत अली के नाम भी प्रकाश में आए थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।
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कोर्ट ने सोमवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी दोषियों को सात-सात साल कारावास और तीन-तीन लाख के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा देने के आदेश दिए हैं।

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