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Moradabad News: बुद्धि विहार में सड़कें छलनी... बाइक निकालना तक दुश्वार

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- पाइपलाइन डालने के नाम पर खोदी सड़कें, मरम्मत करना भूले जिम्मेदार
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- सेक्टर चार से नौ तक जगह-जगह गड्ढे, बारिश में कीचड़ से बढ़ रही मुसीबत


अमर उजाला ब्यूरो

मुरादाबाद। बुद्धि विहार में सड़कें विकास के काम से ज्यादा लापरवाही की तस्वीर दिखा रही हैं। सेक्टर चार से लेकर सेक्टर नौ तक कई जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। कहीं पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है तो कहीं काम पूरा होने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। हालत यह है कि इन रास्तों से बाइक निकालना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।



स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के लिए जल निगम की टीम ने सड़कें खोद दीं, लेकिन काम पूरा होने के बाद गड्ढों को ठीक कराने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं निभाई। बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाता है। बच्चों की स्कूल वैन तक कई गलियों में नहीं पहुंच पा रही है। लोगों को अपने बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने जाना पड़ता है। सेक्टर चार में पार्क के पास लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी धर्म कांटे से आर्यंस स्कूल की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर है। सड़क महीनों से गड्ढों में तब्दील है। सड़क किनारे एक गहरा गड्ढा खोदकर भी छोड़ दिया गया है। इसके चलते हादसे का खतरा बना हुआ है। आवास विकास परिषद और नगर निगम के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। सेक्टर 9बी में भी सड़क चार महीने से अधूरी पड़ी है। मिट्टी और पत्थर डालने के बाद सड़क बिछाने का काम आगे नहीं बढ़ा। लोगों का सवाल है कि सड़कें खोदने के बाद उन्हें ठीक कराने की समयसीमा आखिर तय क्यों नहीं की गई। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि जल निगम के अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराएंगे।
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लोगों के कोट्स (फोटो)
पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदना जरूरी था तो लोगों को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क ठीक नहीं की गई। रोज बाइक और पैदल निकलने में परेशानी होती है। बारिश में गड्ढे दिखाई भी नहीं देते और गिरने का डर रहता है।

- नीलेश चंद्रा

गली की सड़क खराब होने से बच्चों की स्कूल वैन घर तक नहीं पहुंचती। सुबह बच्चों को लेकर मुख्य सड़क तक जाना पड़ता है। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार बाइक फिसल चुकी है। शिकायतों के बावजूद अब तक सड़क की हालत नहीं सुधरी है।

- डॉ. अनुज त्यागी

चार महीने से सड़क अधूरी पड़ी है। मिट्टी और पत्थर डालकर छोड़ दिया गया। रोज इसी रास्ते से निकलना मजबूरी है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे की ओर देखते रहते हैं, लेकिन सड़क पूरी कराने की पहल कोई नहीं करता।

- रॉबिन वर्मा

धर्म कांटे से आर्यंस स्कूल वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। सड़क किनारे खुदा गड्ढा भी हादसे का कारण बन सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चे और दोपहिया वाहन चालक रोज जोखिम उठाकर निकलते हैं। महीनों से समस्या है, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
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- प्रदीप शर्मा

लोगों से सड़क और सुविधाओं के नाम पर विकास का भरोसा दिया जाता है, लेकिन यहां सड़क खोदकर छोड़ दी गई। बरसात में कीचड़ और पानी से रास्ता और खराब हो जाता है। अधिकारियों को कई बार समस्या बताई गई, फिर भी मरम्मत कब होगी, इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।
- दिनेश कुमार
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