छजलैट प्रकरण में मुरादाबाद की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को जनता को उकसाने और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का दोषी करार देते हुए 13 फरवरी 2023 को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद दोनों ने जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अपील में सफलता न मिलने पर अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट की शरण में चले गए। उनका कहना था कि वह घटना के वक्त किशोर थे। इस कारण से उनके मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में की जानी चाहिए थी। जिस पर अभी तक कोई फैसला सुप्रीम कोर्ट का नहीं आया। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अपील की सुनवाई अब विशेष एमपी एमएलए सेशन कोर्ट एडीजे पांच की अदालत में की जा रही है।