मुरादाबाद। गाजियाबाद से मुरादाबाद होते हुए लखनऊ तक फोर लाइन रेल प्रोजेक्ट का सर्वे पूरा हो गया है। डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। अब वहां से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। अब रेलवे बोर्ड के बाद बड़ौदा हाउस में यह डीपीआर पहुंचेगी। रिपोर्ट में सब कुछ फिट रहा तो अगले वित्तीय वर्ष में काम शुरू हो सकता है।
हालांकि रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जरूरी संशोधन बताए जा सकते हैं। एक बार बताए गए संशोधनों पर काम करके मंडल की ओर से रिपोर्ट भेज दी गई है। फिलहाल गाजियाबाद से लखनऊ तक सिर्फ दो रेलवे लाइन हैं। फोर लाइन रेलवे ट्रैक होने से एक ही समय में ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और ट्रेनों की रफ्तार में भी बढ़ोतरी होगी। मुरादाबाद से बरेली व बरेली से लखनऊ तक दो हिस्सों में सर्वे किया गया है। 328 किमी के इस सेक्शन से हर दिन 300 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। सर्वे में पाया गया है कि ट्रैक को फोर लाइन बनाने के लिए रामपुर व बरेली में जमीन के अधिग्रहण की जरूरत होगी। ट्रैक को फोर लाइन बनाने के अलावा रेलवे ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग पर भी काम कर रहा है। पिलखुआ-डासना, रोजा-नेरी रेलखंड में यह काम हो चुका है। अब हापुड़ से पिलखुआ के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम चल रहा है।
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि फोर लाइन प्रोजेक्ट की डीपीआर को अभी रेलवे बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य के लिए टेंडर जारी होंगे। इसके बाद काम शुरू होगा।