सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में रविवार दोपहर को पुलिस ने दो सॉल्वर (दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने वालों) सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरपीएफ सिपाही की पत्नी भी शामिल है। पकडे़ गए आरोपियों से एक मोबाइल और इलेक्ट्रानिक डिवाइस, फर्जी प्रवेश पत्र और पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। चार अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में नकल रोकने और सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की तलाश में सीओ क्राइम सुदेश गुप्ता और पुलिस टीम के साथ परीक्षा केंद्रों पर जांच की तो चारों आरोपी पकड़े गए। इनमें दो आरोपी देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह संभल के घनसुरपुर के रहने वाले हैं। दोनों सॉल्वर हैं। महेंद्र खुद सहायक अध्यापक है और संभल में कार्यरत है। वह असमोली निवासी अनुराग शर्मा की जगह स्वरूपा देवी इंटर कालेज में परीक्षा दे रहा था। इसके बदले में अनुराग ने उसे पांच लाख रुपये देने की बात कही थी, जिसमें से 20 हजार रुपये एडवांस दिए थे।
दूसरा आरोपी देवेंद्र बीए पास है। वह बिजनौर के ललित के स्थान के पर अंबिका प्रसाद इंटर कालेज में परीक्षा दे रहा था। ललित ने उसे ढाई लाख रुपये देने के लिए कहा था, दो लाख रुपये एडवांस दे दिए गए थे। इन दोनों के अलावा रश्मि निवासी हिमगिरी कालोनी और नवीन निवासी मंगूपुरा जिला अमरोहा को गिरफ्तार किया है। रश्मि सांई कन्या विद्या इंटर कॉलेज में परीक्षा देते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल कर रही थी। रश्मि का पति अंकित आरपीएफ मुरादाबाद में सिपाही के पद पर कार्यरत है।
रश्मि को मोबाइल के जरिए नकल कराने वाला उसका एक जानकार है, जो गिरफ्त से दूर है। नवीन के पास एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस बरामद की गई है। जिसका इस्तेमाल वह पारकर इंटर कॉलेज में परीक्षा देते वक्त कर रहा था। उसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिए नकल कराने में अमरोहा निवासी पुलिसकर्मी के बेटे सहित चार लोगों की भूमिका रही है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें अमरोहा में दबिश देने के लिए भेजी गई है।