मुरादाबाद। पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने मैनाठेर बवाल से लेकर तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले और और उसे बाद हुई राजनीति पर अपनी बात रखी है।
उन्होंने कहा, उस वक्त मैं उत्तर प्रदेश पुलिस में स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था, एटीएस, एसटीएफ था। मेरठ में दौरे पर मौजूद था। लखनऊ से मुझे ऑर्डर मिला कि मैनाठेर लाइए और शांति व्यवस्था कायम कीजिए। मुरादाबाद पहुंचकर मैंने पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग की और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद रात में ही मैनाठेर क्षेत्र का दौरा किया। उस पेट्रोल पंप पर भी पहुंचा था जहां अशोक कुमार सिंह पर हमला किया गया था। पेट्रोल पंप पर खून ही खून पड़ा हुआ था और दूर तक ईंट पत्थर बिखरे पड़े थे। पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि डीएम राज शेखर डीआईजी अशोक कुमार सिंह को भीड़ में फंसा छोड़कर भाग गए थे। उनके साथ डीआईजी के हमराह भी चले गए थे। आने वाले साल में प्रदेश में विधानसभा था। जिसे देखते हुए सपा ने इसमें राजनीति शुरू कर दी थी। मैनाठेर से लेकर संभल और मुरादाबाद तक जगह जगह पुलिस और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। हमारे सामने मैनाठेर शांत कराने के साथ ही दूसरे क्षेत्रों में चिंगारी भड़कने से रोकनी भी था। पूरी प्लानिंग के साथ काम किया गया। लखनऊ से भी अफसरों की टीम बुला ली गई थी। मैनाठेर, कुंदरकी, संभल, मुरादाबाद, बिलारी और डींगरपुर में आईपीएस अफसरों के नेतृत्व में पुलिस को तैनात किया गया था। इस मामले में छह मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश दी गई। 2012 में चुनाव हुए और प्रदेश में सपा की सरकार बन गई थी। अखिलेश सरकार ने सभी मुकदमों के साथ डीआईजी पर हुए हमले में दर्ज मुकदम को भी वापस लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करा दी थी। जिसमें कहा गया था कि जनहित में इस मुकदमे को वापस लेना चाहा हैं लेकिन अदालत ने सरकार के अनुरोध को मानने से इन्कार कर दिया और केस की सुनवाई जारी रखी। हालांकि सरकार ने बाकी सभी मुकदमे में वापस ले लिए थे। कहीं वादी धमकाए गए तो कहीं गवाहों को लालच दिया गया। डीआईजी को भीड़ में फंसा छोड़कर भागे सभी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था लेकिन सपा ने इन्हें भी मामूली दंड देकर बवाल कर दिया था। इटावा, गाजियाबाद और नोएडा जैसे जिलों में इन्हें तैनाती दी गई। इस घटना के बाद मुरादाबाद के डीएम राजशेखर को हटा दिया था लेकिन सपा सरकार आते ही उन्हें लखनऊ का डीएम बना दिया गया था। मेरी आने वाली किताब में मैनाठेर बवाल और सीआरपीएफ कैंप पर हमले आतंकी हमले का जिक्र है। कैसे सपा ने आरोपियों और आतंकवादियों को बचाने का काम किया है।