रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। खुद को रेल मंत्री के सचिव का रिश्तेदार बताने वाले हरिद्वार के एक व्यक्ति ने मुरादाबाद के आठ युवकों से नौकरी के नाम पर सत्तर लाख रुपये ठग लिए। रकम लेने के बाद वह सभी युवकों को दिल्ली स्थित रेल भवन ले गया और बाकायदा वहां एक शख्स से सभी की मुलाकात कराई।
कुछ औपचारिकताओं के बाद इन युवकों को एप्वाइंटमेंट लेटर दे दिए गए। ठगी का शिकार हुए युवकों का कहना है कि तसल्ली दिलाने के लिए रेलवे की साइट पर उन्हें इन नियुक्तियों का ब्यौरा भी दिखाया गया। मामला तब खुला जब इन फर्जी नियुक्ति पत्रों को लेकर युवक ट्रेनिंग के लिए कोलकाता पहुंच गए।
मामला खुलने के बाद पीड़ित युवकों ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लोको शेड रेलवे कालोनी निवासी अवनीश कुमार पुत्र अमर सिंह ने सिविल लाइन थाने में अनिल कुमार पुत्र रामस्वरूप निवासी दुर्गागढ़ थाना पथरी हरिद्वार (उत्तराखंड) और सोहान अली निवासी दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में उसने कहा है कि जुलाई 2014 में मुरादाबाद आए अनिल कुमार से उसकी मुलाकात हुई थी। अनिल कुमार ने खुद को रेल मंत्री के सचिव का रिश्तेदार बताते हुए झांसा दिया था कि वह रेलवे में उसकी नौकरी लगवा सकता है। नौकरी के लिए उसने उससे सात लाख रुपये मांगे।
बाद में उसने व मुरादाबाद के ही अविनाश, रोहित, ऋषिपाल सिंह, तीरथ, जितेंद्र, नरकांत और इबले हसन ने मिलकर नौकरी के लिए उसे सत्तर लाख रुपये दिए। जिसके बाद वह सभी को रेल भवन दिल्ली ले गया और वहां उसने उन सभी की मुलाकात एक कथित रेल अफसर सोहान अली से कराई।
कुछ दिन तक उन सभी से औपचारिकताएं पूरी कराई गईं और बाद में सोहान अली ने उन्हें एप्वाइंटमेंट लेटर दे दिए। अवनीश ने दावा किया है कि उसे वह अन्य युवकों को रेलवे की साइट पर भी ये एप्वाइंटमेंट लेटर दिखाए गए थे। नियुक्ति पत्र देने के बाद उन सभी से कहा गया कि उन्हें ट्रेनिंग के लिए कोलकाता जाना है।
लेकिन जब वह ट्रेनिंग के लिए पहुंचे तो उन्हें पता चला कि नियुक्त पत्र फर्जी हैं और उनके साथ धोखा हुआ है। युवक लौटकर दिल्ली पहुंचे तो उन्हें रेल भवन में न तो अनिल मिला और न ही कथित रेल अफसर सोहान अली वहां था। जिस कमरे में उन्हें सोहान अली मिला था वह खाली पड़ा था।