मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के लालापुर पीपलसाना गांव में तेंदुए के हमले से महिला की मौत के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे और जाल लगाए गए हैं। इस गांव के जंगल में 35 वन कर्मी में तलाश हैं। रात दिन गश्त की जा रही है लेकिन तेंदुआ गांव में पहुंच जा रहा है। बुधवार की रात को 12 बजे तेंदुए का जोड़ा गांव में दिखा। पानी की टंकी के पास दीवार पर करीब एक घंटे तक बैठकर शिकार की तलाश करता रहा। हल्ला मचा तो गांव में लोग इकट्ठा हो गए। तेंदुए का जोड़ा जंगल की तरफ भाग गया।
लालापुर पीपलसाना गांव में सोमवार की दोपहर खेत में काम रही महिला संतोष देवी पर तेंदुए ने हमला कर उसे मार दिया था। बुधवार को डिलारी के मलकपुर सेमली गांव में तेंदुए ने गन्ने की पत्ती उतार रहे बाबू पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बुधवार की रात पीपलसाना गांव के लोग अपने मकानों की छतों से पहरेदारी कर रहे थे। गांव के बाहर जंगल में तीन पिंजरे लगाए गए हैं और जाल भी लगाए गए हैं। पिंजरों में बकरी बांधी गई हैं। जहां तेंदुआ बार बार दिख रहा है वहां खेतों में वन विभाग के लोग भी कांबिंग कर रहे हैं। लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आ रहा है। वहीं बुधवार रात करीब 12 बजे सुरेंद्र के घर के पास पानी की टंकी की दीवार पर दो तेंदुए आ गए।
तेंदुए को देखकर सुरेंद्र बेहोश हो गया। लोगों ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को देने के लिए कॉल की लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। हर्ष विश्नोई ने बताया कि कई बार फोन किया लेकिन किसी अधिकारी और कर्मचारी ने कॉल रिसीव नहीं की। ओमपाल सिंह का कहना है कि तेंदुए का जोड़ा करीब एक घंटे तक दीवार पर बैठा रहा।
अगर वन विभाग की टीम आती तो तेंदुए को पकड़ा जा सकता था। कॉल रिसीव न होने के कारण लोगों में वन विभाग के खिलाफ भी गुस्सा था। बृहस्पतिवार की सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।