अपराध की परतें खोलने के लिए उत्तर प्रदेश की चौथी फोरेंसिक लैब मुरादाबाद में शुरू हो गई है। विसरा और स्लाइड समेत विभिन्न प्रकार की जांचों की रिपोर्ट मात्र पंद्रह दिन में पुलिस को मिल रही है। बरेली जोन के सभी नौ जिलों से पिछले माह अगस्त में 125 केस जांच के लिए लैब में आए। जिसमें से 92 मामले की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिलों को भेज दी गई हैं। अब तक फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ और आगरा की दौड़ लगानी पड़ रही थी। दूसरी ओर डीएनए जांच के लिए भी यहां लैब खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
मुरादाबाद में कांठ रोड पर 24वीं वाहिनी पीएसी के पीछे करीब पौने सात करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश की चौथी विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण किया गया है। पौने चार करोड़ रुपये की लागत से एक साल में लैब की बिल्डिंग बन कर तैयार हुई है। जबकि तीन करोड़ रुपये की मशीनें व उपकरण खरीदे गए हैं। इससे पहले लखनऊ, आगरा और बनारस में ही फोरेंसिक लैब थी। बरेली जोन के जिलों के मामले आगरा और लखनऊ भेजे जाते थे। लेकिन अब बरेली जोन के मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली और पीलीभीत जिलों के केसों की जांच इसी लैब में की जा रही है। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तैनात कर दी गई और 19 जुलाई से परीक्षण कार्य किया जा रहा है। सात सेक्शनों में तरह-तरह की जांचें की जा रही हैं। अगस्त माह में 125 केस लैब में आए, जिसमें से 92 केसों की जांच कर रिपोर्ट संबंधित थानों को भेज दी गई है। पंद्रह दिन में विसरा और स्लाइड रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इन केसों के किये जा रहे परीक्षण
1- रसायन अनुभाग- नारकोटिक्स, ड्रग्स, सुरा, पेट्रोल, डीजल, मोबिल, मिट्टी का तेल, ट्रेप केस, बर्निंग केस, केमिकल
2- विष अनुभाग- विसरा एवं रासायनिक विषों की जांच
3- सीरम अनुभाग- रक्त संबंधित परीक्षण
4- जीव विज्ञान अनुभाग- वीर्य, बाल, लार एवं बलात्कार संबंधित केसों की जांच
5- भौतिकी अनुभाग- चेसिस/इंजन, मिट्टी, कापी राइट एक्ट संबंधित एवं विविध प्रकार के मामलों की जांच
6- प्रलेख अनुभाग- हस्त लेख, कूट रचित दस्तावेज, हस्ताक्षर के मिलान
7- कंप्यूटर फोरेंसिक अनुभाग- डिजिटल डाटा रिकवरी, टेम्परिंक ऑफ डिजिटल डाटा
प्रदेश में 18 और लैब खोलने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा और बनारस में ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला थी। लेकिन अब मुरादाबाद में चौथी लैब तैयार हो गई है। इसके अलावा गाजियाबाद और कन्नौज में भी लैब बनाई जा रही हैं। जबकि शासन ने 18 और जिलों में लैब खोलने की मंजूरी दे दी है। इलाहाबाद, गोरखपुर, आजमगढ़, अलीगढ़, सहारनपुर, फैजाबाद गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, झांसी, बांदा समेत 18 जिलों में फोरेंसिक लैब खोली जाएंगी।
रिपोर्ट आने का बहाना बनाकर बैठी रहती है पुलिस
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रखा जाता है। जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाता था। लखनऊ और आगरा से रिपोर्ट में आने में कई माह बीत जाते थे। जबकि तमाम केस तो ऐसे भी रहेे। जिसकी रिपोर्ट ही नहीं आई। रिपोर्ट न आने का बहाना बनाकर पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी रहती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पुलिस के हाथ में पंद्रह दिन में रिपोर्ट होगी।
बयान
19 जुलाई से लैब में परीक्षण कार्य शुरू हो गया है। हालांकि अभी लैब का उद्घाटन नहीं हुआ है। लेकिन शासन ने अनुमति दे दी है कि लैब में परीक्षण कार्य किया जाए। अभी सात अनुभाग में परीक्षण जा रहे हैं। आने वाले समय में 5 और अनुभाग खोले जाएंगे। जबकि डीएनए जांच के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेज गया है।
- डा. राम जनम, संयुक्त निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश