मुरादाबाद। शहर के कई मोहल्लों में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह है कि रात में खुली हवा में बैठना तो दूर लोगों को चैन की नींद तक नसीब नहीं हो रही है। पुराने शहर से लेकर पॉश कॉलोनियों तक मच्छरों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। लोग नगर निगम से फॉगिंग कराने की मांग कर रहे हैं। ताड़ीखाना चौराहे पर रहने वाले विपुल, विजयशंकर, स्वाति और नितिन अग्रवाल का कहना है कि सप्ताह में एक ही बार फॉगिंग कराई जा रही है। कई बार शिकायत करने या फिर पार्षद से कहने के बाद ही फॉगिंग होती है। पूरे क्षेत्र में मच्छरों का आतंक बना हुआ है। गलशहीद के रौनक, रेहान अहमद और सितारे ने भी फॉगिंग न होने की बात कही है। लाइनपार में सीएम ग्रिड फेज-1 के तहत सड़क का निर्माण चल रहा है। यहां भी रोजाना फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। रात के समय सड़क के किनारे खड़ा होना भी दुश्वार हो जाता है। मंडी समिति के भीतर की स्थिति और भी खराब है।
प्रकाशनगर चौराहे पर फल बेचने वाले पिंटू सैनी का कहना है कि आठ से दस दिनों के अंतराल पर फॉगिंग होती है वह भी महज खानापूर्ति के लिए। मच्छरों को भगाने के लिए रोजाना शाम के समय अगरबत्ती का इस्तेमाल करना पड़ता है। तहसील स्कूल, दीवान का बाजार और झब्बू का नाला के आसपास भी फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। यहां के लोगों का कहना है कि महीने भर से फॉगिंग नहीं हुई है जिससे मच्छरों का आतंक फैला हुआ है।
रामगंगा विहार की पॉश कॉलोनियों में भी फागिंग नहीं कराई जा रही है। दीनदयालनगर स्थित लवकुश पार्क और एकता पार्क के आसपास के इलाकों में भी कई दिनों से फॉगिंग नहीं हुई है। जिला पर्यावरण गंगा समिति के नामित सदस्य प्रदीप सक्सेना का कहना है कि लोग शाम के समय पार्क में जाते हैं लेकिन मच्छरों की वजह से अंदर बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
- क्या बोले पीड़ित
- रात को बच्चों का सोना मुश्किल हो गया है। मच्छरों से बचने के लिए अगरबत्ती, कॉइल और मशीन सब का इस्तेमाल कर लिया लेकिन राहत नहीं मिल रही। फॉगिंग नियमित रूप से होना चाहिए। - विक्की, जीएमडी रोड
- मच्छरों ने घर में बैठना मुश्किल कर दिया है। बरामदे में तो बिल्कुल नहीं बैठ सकते। दवा छिड़काव के लिए निगम में कहा गया है लेकिन अब तक फॉगिंग नहीं हुई। - सागर, हैलट रोड
- शाम के समय मच्छरों की वजह से काफी परेशानी होती है। फॉगिंग काफी दिनों से नहीं हुई है। इसे रोजाना कराना चाहिए। - आकाश, ताड़ीखाना रोड