मौसम की मार से फसलों पर संकट मंडरा रहा है। लगातार पड़ रहे कोहरे से आलू, मटर और सरसों पर फफूंदी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसकी तत्काल रोकथाम नहीं की गई तो पैदावार प्रभावित होगी। कृषि विशेषज्ञों ने फसल सुरक्षा को गाइड लाइन जारी की है। किसानों को बिगड़े मौसम में सावधान रहकर फसलों की देखभाल करने को कहा गया है।
एक सप्ताह से कोहरे का कहर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अभी एक सप्ताह और कोहरे के गिरने का पूर्वानुमान है। कोहरा और पाला गिरने से फसलों पर संकट मंडरा रहा है। कोहरा लगातार गिरने और धूप न निकलने से फसलों पर फफूंदी का संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसे मौसम में फसलों को बचाना जरूरी है।
जिला कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद वर्मा ने बताया कि कोहरा-पाला लगातार गिरने और धूप न निकलने से यों तो सभी फसलों को खतरा है, लेकिन आलू, सरसों, मटर, टमाटर और सब्जी की फसल ज्यादा संवेदनशील हैं। किसानों को ऐसे मौसम में फसलों की भरपूर सिंचाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही खेत के कोने पर धुआं करने से भी फसलों के नुकसान को कम किया जा सकता है।
किसानों को फसलों की नियमित देखभाल करने की जरूरत है। फसल पर कभी भी एकाएक फफूंदी फैल सकती है। किसानों को जैसे ही फसल पर फफूंदी का असर दिखाई दे तो फंजीसाइट का छिड़काव करना जरूरी है। इसमें देरी होने पर फसलों में नुकसान बढ़ सकता है। जरूरत होने पर किसान अपने विकास खंड में कृषि रक्षा इकाई पर संपर्क कर सकते हैं। वहां से विशेषज्ञ फसलों का निरीक्षण कर सकते हैं। कृषि रक्षा इकाइयों पर दवाइयां भी उपलब्ध करा दी गई हैं।