बिलारी थाना क्षेत्र के धर्मपुर कलां के रहने वाले जितेंद्र सिंह 10 नवंबर 2013 को बिलारी थाने में मुकदमा दर्ज था। जिसमें बताया था कि 9 नवंबर की रात करीब 12 बजे घर में सभी लोग सो रहे थे। इसी दौरान दीवार कूद कर सात-आठ बदमाश घर में अंदर आ गए। जिन्होंने हथियार के बल पर जितेंद्र सिंह और घर की महिलाओं को बंधक बना लिया था। महिलाओं से उनके सोने-चांदी के जेवरात उतरवा लिए थे। घर में रखे करीब अस्सी हजार रुपये भी लूट लिए थे। विरोध करने जितेंद्र के पिता रमेश बंदूक की बट से पीटकर घायल कर दिया था। जिन्हें बाद में घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने छानबीन कर कुंदरकी क्षेत्र के चतपुर निवासी अकबर उर्फ मम्मा, कामिल, सालिम निवासी गाजीपुर, जियाऊल निवासी पीतपुर और हारुन पुत्र सुलेमान निवासी तेवरखास थाना बिलारी को आरोपी बनाते हुए इनके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन विमल वर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि मुकदमे में आरोपी कामिल, सालिम, जियाऊल, और हारुन के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण अदालत ने उन्हें मुकदमे से बरी कर दिया। साथ ही आरोपी अकबर उर्फ मम्मा के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।संवाद