मुरादाबाद। दुनिया भर के आजमीन खाना-ए-काबा की जियारत के लिए मक्का शरीफ पहुंच चुके हैं। जहां खुदा की इबादत में मशगूल हैं। लेकिन इबादत की असल शुरुआत इस्लामिक महीने जिलहिज्जा की आठ तारीख से होगी। जो 12 जिलहिज्जा तक चलेगी। आजमीन तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक करीब 33 किमी का सफर तयकर हज के अरकान पूरे करेंगे।
वैसे सऊदी अरब की सरजमीं पर पहुंचने के साथ ही आजमीनों की इबादत का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन उनके लिए इस्लामिक महीने के जिलहिज्जा के पांच दिन खास होते हैं। जो जिलहिज्जा की आठ से 12 तारीख के बीच के दिन हैं। इस दौरान हजयात्रियों को अलग-अलग समय पर तकरीबन 33 किमी का सफर तय करना होता है। इस बीच निर्धारित समय सीमा के अंदर ही इबादत की रस्म अदा की जाती हैं। इसकी शुरुआत आठ जिलहिज्जा यानी 26 मई से होगी। पूर्व हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि हज के पाक सफर पर पांच दिन खास होते हैं। इस दौरान ही हज के सारे अरकान पूरे किए जाते हैं।
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किस तारीख को कहां की रवानगी
8 जिलहिज्जा : आजमीन मक्का से मीना के लिए रवाना होंगे। इसके लिए उन्हें पांच किमी का सफर तय करना होता है।
9 जिलहिज्जा : सुबह के वक्त हजयात्री 6.5 किमी का सफर तय कर मीना से अरफात पहुंचते हैं।
9 जिलहिज्जा : शाम के वक्त अरफात से मुजदलिफा के लिए रवाना होंगे। इसकी दूरी 5.5 किमी है।
10 जिलहिज्जा : सुबह एक किमी का सफर तय कर मुजदलिफा से मीना पहुंचना होगा।
10 जिलहिज्जा : दोपहर में मीना से मक्का जाना होगा।
10 जिलहिज्जा : शाम को फिर मक्का से मीना जाएंगे।
12 जिलहिज्जा : शाम को मीना से आजमीन मक्का के लिए रवाना होंगे।