मुरादाबाद के प्रथम नागरिक और पहले मेयर रह चुके सपा नेता हुमायूं कदीर का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने ब्राइट स्टार अस्पताल में अंतिम सांस ली। करीब पांच महीने पहले उन्हें हेड इंजरी हो गई थी। तब से वह बीमार चल रहे थे। कचहरी कल्लन शाह कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वह अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां छोड़ गए हैं।
नगर निगम का दर्जा मिलने पर वर्ष 1995 में महापौर पद के लिए पहला चुनाव हुआ था। इस चुनाव में जीत दर्ज कर मोहल्ला लाल मस्जिद के रहने वाले हुमायूं कदीर शहर के पहले मेयर बने थे। उनका कार्यकाल 01 दिसंबर से 1995 से 29 नवंबर 2000 तक रहा। इससे पहले इनके पिता हाजी अब्दुल कदीर मुरादाबाद के पहले चेयरमैन बने थे।
करीब पांच महीने पहले वह घर में गिर गए थे, उन्हें हेड इंजरी हो गई थी। उनके दिमाग में चोट आई थी। इसके बाद से वह बीमार चल रहे थे। मंगलवार रात उन्हें ब्राइट स्टार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया।
अस्र की नमाज के बाद कचहरी कल्लन शाह कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान सपा सांसद डॉ. एसटी हसन, महापौर विनोद अग्रवाल, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, डीपी यादव, धर्मेंद्र यादव, अथहर हुसैन अंसारी, हाजी मन्नू कुरैशी, कैसर अली कुद्दूसी, राजकुमार प्रजापति आदि मौजूद रहे।