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आरोपः पहले नाम बदलकर फंसाया, जबरन धर्म परिवर्तन कराकर डॉक्टर ने निकाह किया

Sat, 19 Dec 2020 03:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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धर्म परिवर्तन
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नागफनी थानाक्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने एक चिकित्सक पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि आरोपी ने खुद को उसी के धर्म का बताकर उसके साथ दोस्ती की। जब भेद खुल गया तो आरोपी और उसके परिवार वालों ने मारपीट की। जबरन धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराया और कुछ दिन बाद उसे छोड़ दिया। पीड़ित युवती ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

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पीड़ित युवती ने बताया कि चार साल पहले वह मुगलपुरा थानाक्षेत्र स्थित एक डिग्री कॉलेज में पढ़ती थी। वहां कालेज के पास ही एक डाक्टर का क्लीनिक था। डाक्टर से उसकी मुलाकात हो गई थी। युवती का आरोप है कि डाक्टर ने खुद को युवती के ही धर्म का बताकर उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। आरोपी ने अपना असली नाम भी नहीं बताया था। आरोपी ने अपना नाम और धर्म छिपाकर उसे शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। 

युवती ने बताया कि जब उसे आरोपी के असली नाम और धर्म की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में तहरीर दी। तब आरोपी और उसके परिवार के लोगों ने 18 सितंबर 2016 को बहाने से अपने घर भोला सिंह की मिलक बुला लिया। आरोप है कि यहां जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसका निकाह करा दिया गया। आरोपी ने कुछ समय तक अपने साथ रखने के बाद युवती को छोड़ दिया।
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पीड़ित ने मझोला थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युवती का कहना है कि धर्मांतरण का कानून आने के बाद अब उसे न्याय की उम्मीद जगी है।मझोला थाना प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि एक युवती ने तहरीर दी है। जिसकी जांच की जा रही है। युवती को भी बुलाया गया है।

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धर्मांतरण मामलाः दोनों भाइयों की जमानत मंजूर

धर्मांतरण मामले में फंसे कांठ निवासी दोनों भाइयों को कोर्ट से राहत मिल गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को जमानत मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए हैं। मुरादाबाद के कांठ थाने में पांच दिसंबर को धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत पहला केस दर्ज किया गया था जिसमें कांठ नगर के मोहल्ला पट्टेगंज निवासी राशिद और उसके भाई सलीम को नामजद किया गया था। 

बिजनौर निवासी महिला ने दोनों भाइयों पर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी का धर्मांतरण कराकर शादी कराने की कोशिश की गई है। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। तब से दोनों भाई जेल में बंद हैं। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित युवती के न्यायालय में 164 के बयान कराए थे जिसमें युवती ने बताया था कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है। कांठ थाने की पुलिस ने मामले की जांच की।

जांच में जबरन धर्म परिवर्तन कराने के साक्ष्य न मिलने पर पुलिस ने रिमांड न लेने का निर्णय लिया। इसके अलावा 169 की रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की। शुक्रवार को इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने युवती के बयान और पुलिस की ओर से लगाई गई 169 की रिपोर्ट के आधार पर दोनों भाइयों की जमानत मंजूर कर दी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 50-50 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश कर दिए हैं।
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