सपा की साइकिलों में घोटाला करने वाले आठ दलाल बुरी तरह फंस गए हैं। सीडीओ की जांच रिपोर्ट में दोषी मिले आठ दलालों के खिलाफ डीएम के आदेश पर भोजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रदेश सरकार की साइकिल सहायता योजना के तहत गरीब मजदूरों में नि:शुल्क साइकिलें बांटी जानी थीं।
लेकिन दलालों ने प्रति मजदूर 500 रुपये वसूले थे। डीएम ने इस घोटाले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। देहात विधायक शमीमुल हक के गांव पीपलसाना स्थित मोहम्मद रिजवानुल हक मैमोरियल इंटर कालेज में आठ अक्तूबर को प्रदेश सरकार की साइकिल सहायता योजना के तहत 2800 मजदूरों में नि:शुल्क साइकिल वितरित की गई थीं।
लेकिन साइकिल वितरण के दौरान ही डीएम को शिकायत मिली थी कि साइकिलों की एवज में मजदूरों से 500 रुपये प्रति साइकिल वसूला गया है। डीएम ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए।
जिसके बाद डीएम के आदेश पर सोमवार को भोजपुर थाने में आठ आरोपियों मुजफ्फर निवासी पीपलसाना, शहजाद, वकील, दौलत व इरफान निवासी चांदपुर, प्रमोद निवासी ग्राम विशनपुर, राजेद्र निवासी ग्राम ठीकरी और बदलू निवासी तगाला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
डीएम का कहना है कि फिलहाल दलालों पर रिपोर्ट हुुई ह्रै, कार्रवाई विभागीय अफसरों पर भी होगी। इससे पहले रविवार को सरकार की 398 साइकिलें भोजपुर में एक घर में बंद होने की सूचना पर डीएम ने छापा डलवाया था। एसडीएम ने साइकिलें बरामद करके मजदूरों में बंटवाई थीं।
जांच में आठ दलालों का नाम प्रकाश में आया है। लाभार्थियों ने बताया है कि साइकिल दिलाने की एवज में इन दलालों ने उनसे 500 रुपये प्रति मजदूर वसूली की है। आठों दलालों के खिलाफ भोजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस विवेचना में यदि विभागीय अफसरों की भी मिलीभगत उजागर होती है तो उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शासन को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेज दी गई है।
- जुहैर बिन सगीर, डीएम।
मुझे बहुत अफसोस है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से गरीब मजदूरों में फ्री बांटने के लिए आई साइकिलों में भी घोटाला हो गया है। मजदूरों को साइकिलें फ्री में देने के बजाए उनसे घूस ली गई है। मैं पूरा मामला मुख्यमंत्री के सामने रखूंगा और मांग करूंगा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मुमकिन नहीं है कि अकेले दलालों ने यह घोटाला कर दिया होगा।
- शमीमुल हक, विधायक, देहात।