कांठ। बिना रजिस्ट्रेशन हॉस्पिटल का संचालन और गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन कर प्रसव कराने के आरोप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने हॉस्पिटल संचालकों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि मौके पर हॉस्पिटल संचालक कोई भी डिग्री या रजिस्ट्रेशन तक नहीं दिखा पाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने टीम को साथ लेकर 13 मार्च को क्षेत्र के कासमपुर में मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग स्थित एसके हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। यहां मौके पर महिला राजेश्वरी निवासी सलेमपुर कांठ भर्ती मिली थी, जिसका ऑपरेशन का प्रसव कराया गया था।
जब हॉस्पिटल संचालक फारूक और फईम अहमद निवासी कासमपुर से जानकारी पर पता चला था कि महिला का ऑपरेशन डॉ. आरिफ रसूल के द्वारा किया गया लेकिन जांच के दौरान हॉस्पिटल में डॉक्टर का कोई भी दस्तावेज, डिग्री आदि नहीं मिली थी। इसी के साथ काफी दवाइयां और हॉस्पिटल संचालन से संबंधित सामान मिला था। टीम ने हॉस्पिटल संचालकों से जब रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा तो वह न तो रजिस्ट्रेशन की दिखा पाए और न ही डॉक्टर की डिग्री आदि ही दिखा सके। जांच में पाया गया कि यह हॉस्पिटल सीएमओ कार्यालय में रजिस्टर्ड नहीं है।
साथ ही यहां बायोमेडिकल बेस्ट की भी कोई सुविधा नहीं मिली। जिसके बाद दवाइयों और कुछ सामान को टीम ने कब्जे में लेकर हॉस्पिटल को सील करते हुए प्रसूता राजेश्वरी को 102 एम्बुलेंस से सीएचसी में भर्ती कराया था। इस मामले में चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर संचालक फारूक और फईम अहमद के खिलाफ कांठ थाने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।