मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल में इन शिक्षकों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। चूंकि प्रदेश सरकार लगातार आदेश तो कर रही है कि विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों को वेतन दे। लेकिन शुल्क न जमा होने के कारण प्रबंधन के पास धन नहीं है।
जिसके चलते शिक्षकों को अप्रैल माह से वेतन नहीं मिला है। संगठन के सदस्यों ने बताया कि इस समस्या के निस्तारण के लिए उपमुख्यमंत्री से चर्चा भी की जा चुकी है। लेकिन सरकार शिक्षकों के लिए कोई राहत उपलब्ध नहीं करा रही। शिक्षक संघ ने मांग की है कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार की ओर से 15 हजार रुपये की मासिक सहायता दी जाए। सीटी एलटी विसंगति को समाप्त किया जाए। व्यवसायिक एवं कंप्यूटर अनुदेशकों को शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। अप्रैल 2005 के बाद चयनित शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। मांग करने वालों में जिलामंत्री राजपाल सिंह, मेजर डॉ. देवेंद्र सिंह, वीर सिंह, विमलेंद्र कुमार शर्मा, सुधीर अग्रवाल, जेपी सिंह, तुंगीश यादव आदि शामिल रहे।