प्रदेश में पिछले तीन महीने बुखार से हाहाकार मचा रहा। डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और टाइफाइड के बेहिसाब मरीज सामने आए। यही हाल मुरादाबाद का रहा। अब तापमान में गिरावट के साथ ही मच्छरों के डंक कुंद तो पड़ने लगे हैं तो वायरस भी सुस्त। लेकिन जरूरत के समय तड़पते मरीजों की याद प्रदेश सरकार को अब आई। सरकार डेंगू को महामारी घोषित करने की तैयारी में हैैं।
वैसे तो सरकारी कागजों में जिले में डेंगू के सिर्फ तीन मरीज मिले। वहीं दिमागी मलेरिया के साथ वाईवेक्स मलेरिया के डेढ़ सौ से अधिक केस पाए। सरकारी इंतजाम नाकाफी रहे। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा। यहीं वजह है कि प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के कई केस सामने आए।
डाक्टरों ने पर्ची पर हाई फीवर विथ लो प्लेट्लेस लिखकर डेंगू के मरीजों का इलाज किया। प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजाें की भरमार रही। डाक्टरों के मुताबिक पंद्रह अक्तूबर के बाद से तापमान में काफी गिरावट आया है। इससे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या में कमी आई है।
दूसरी ओर डेंगू को महामारी घोषित करने की तैयारी चल रही है। सीएमओ डा. संजीव यादव का कहना है कि डेंगू को महामारी घोषित करने की अभी कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर डेंगू महामारी घोषित होता है तो इसका लाभ आने वाले समय में मिलेगा।