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रात में अंधेरे में अपने शावकों को ले गई मादा तेंदुआ

Sat, 27 May 2017 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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leoperd child - फोटो : amar ujala
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मादा तेंदुआ रात के अंधेरे में अपने बच्चों को ले गई। वन विभाग ने पूरी कार्रवाई को दूर से बैठकर मॉनीटर किया। देहरादून से आई वाइल्ड लाइफ संरक्षण टीम ने इस पूरे ऑपरेशन सफल बनाने में वन विभाग का सहयोग किया।
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उल्लेखनीय है कि गुरुवार को गांव मुनीमपुर के जंगल में वन विभाग और पुलिस की टीम ने तेंदुए के तीन शावक बरामद किए थे। इस दौरान मादा तेंदुआ आसपास घूमती दिखाई दी थी। लेकिन वहां भीड़ अधिक होने के कारण वह अपने शावकों को वहां से नहीं ले जा सकी।


वन क्षेत्राधिकारी जीएस पाल ने बताया कि तीनों शावकों को वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से अपने पास रखा हुआ था। वन विभाग ने भारतीय जीव संरक्षण सोसाइटी देहरादून के सेम्युल और मंसूर अजहर की टीम से शावकों को तेंदुए तक पहुंचाने की योजना बनाई।
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उनका मकसद शावकों को मादा तेंदुआ तक पहुंचाना था। योजना के तहत मादा तेंदुए की गतिविधियों का केंद्र निर्धारित किया गया और भानू प्रताप सिंह के खेत के बराबर में गड्ढा खोदकर तीनों शावकों को सुरक्षित तरीके से उसमें रख दिया गया। दूर से वन क्षेत्राधिकारी और वाइल्ड लाइफ देहरादून की टीम निगरानी करती रही।

वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि गुरुवार की रात करीब एक बजे मादा तेंदुआ वहां आई और अपने तीनों शावकों को गड्ढे से निकाल कर अपने साथ ले गई। मां के  पास तीनों बच्चों के पहुंच जाने से वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीम ने राहत की सांस ली।

वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि तेंदुआ के बच्चे को गड्ढे में छिपाकर रखा गया था। आधा किलोमीटर दूर से निगरानी रखी गई थी। जिससे कोई और जानवर आसपास न आए। रात करीब एक बजे मादा तेंदुआ आई।

उसके आने और जाने के फुट प्रिंट्स लिए गए हैं। फोटो के जरिए मादा तेंदुआ के बारे में अध्ययन किया जा रहा है। अब पिंजरा लगाया गया है। क्योंकि शावक छोटे हैं इसलिए मादा तेंदुआ बहुत दूर नहीं जाएगी। उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।

वन विभाग ने मुनीमपुर के जंगल से बरामद हुए तेंदुए के तीनों शावकों की उम्र 15 दिन है। वन क्षेत्राधिकारी जीएस पाल ने बताया कि शावकों को मादा तेंदुए तक पहुंचाने से पहले सुरजननगर के पशु चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र कुमार को बुला कर उनका परीक्षण कराया गया। दुर्लभ जीव जंतुओं की  सुरक्षा करना वन विभाग का कर्त्तव्य है।
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