चंदौसी (संभल)। उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध गणेश चौथ मेले के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर का बीमारी के चलते मंगलवार की रात मुरादाबाद के अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से परिजन व चंदौसी शहर में शोक की लहर छा गई। डॉ. गिरिराज किशोर शहर के पहले एमबीबीएस व एमडी थे। गुरुवार को सीता आश्रम रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा है।
चंदौसी के सीता आश्रम रोड निवासी डॉ. गिरिराज किशोर (90) लीवर की समस्या से पीड़ित थे। उनका उपचार मुरादाबाद के अस्पताल में चल रहा था। मंगलवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल में डॉ. गिरिराज किशोर ने अंतिम सांस ली। परिवार में बेटा मनोज कुमार मीनू, पुत्रवधू, तीन बेटी, पोती, पोता हैं। पोता आस्ट्रेलिया में हैं। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया। गुरुवार को पोते के आने पर सीता आश्रम रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉ. गिरिराज किशोर ने वर्ष 1961 में चंदौसी में गणेश चतुर्थी पर गणेश चौथ मेले की शुरूआत की थी।
1986 में डॉ. गिरिराज किशोर के निमंत्रण पर तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह चंदौसी के गणेश चौथ मेले में आए थे। इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह 1971 में गणेश चौथ मेले में आ चुके हैं। उस समय वह स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे। साथ ही जयाप्रदा, महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता प्रवीण कुमार व कई मशहूर हस्तियां मेले में शामिल हो चुकी हैं।