आलू की बंपर पैदावार होने और बाजार मूल्य धड़ाम होने से किसानों के साथ ही अब कोल्ड स्टोर मालिक भी परेशान हैं। नया आलू भंडारण को आने वाला है और कोल्ड स्टोर में अभी पुराने आलू ही भरे हैं। बाजार भाव अच्छा न होने से परेशान किसान न तो कोल्ड स्टोर का किराया दे रहे हैं और न ही पुराने आलू को निकाल रहे हैं।
कोल्ड स्टोर संचालकों ने जिला उद्यान अधिकारी को पत्र लिखकर आलू का समाधान कराने की गुहार लगाई है।आलू की बंपर पैदावार होने और बाजार भाव कम रहने से किसान परेशान है। हालात यह हो गए हैं कि किसान आलू भंडारण का कोल्ड स्टोर का किराया देने की भी स्थिति में नहीं है।
ज्यादातर किसानों का आलू कोल्ड स्टोर में ही भरा पड़ा है। कोल्ड स्टोर का किराया जितना रुपया भी आलू का बाजार भाव नहीं मिल रहा है। नया आलू बाजार में आने से अब लोगों ने पुराने आलू को खरीदना बिल्कुल बंद कर दिया है। ऐसे में ज्यादातर किसानों ने कोल्ड स्टोर से आलू निकालने का सपना ही छोड़ दिया है।
ज्यादातर कोल्ड स्टोर पुराने आलू से भरे पड़े हैं।अब इसका असर कोल्ड स्टोर के मालिकों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। नया आलू बाजार में आ गया है। जल्द ही पके आलू का भंडारण करने के लिए किसान कोल्ड स्टोर पर आने लगेंगे। पुराना आलू भरा होने से उनकेसामने नया आलू भरने की समस्रूा खड़ी हो रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसान आलू निकाल नहीं रहे हैं। कोल्ड स्टोर केमालिक आलू को निकालकर आखिर कहां पर फेंके। कई जिलों में आलू फेंकने पर पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कार्रवाई कर चुके हैं।
इससे परेशान कोल्ड स्टोर मालिकों ने राजेंद्र कुमार केनेतृत्व में जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार से मुलाकात की। उन्होंने आलू को निकालकर फेंकने की अनुमति मांगी है। जिससे समय रहते कोल्ड स्टोर की सफाई कराकर नए भंडारण की तैयारी की जा सके।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि डीएम व सीडीओ के सामने पूरा मामला रखा जाएगा। उनकेनिर्देशानुसार निर्णय लिया जाएगा। अपने स्तर से आलू को कहीं भी खुले में फेंकने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
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