मुरादाबाद। भाकियू टिकैत ने मूंढापांडे क्षेत्र में बाढ़ से हुई बर्बादी के मुआवजे की मांग को लेकर सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। अधिकारियों के न पहुंचने के कारण रात में भी भाकियू कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे। धरना स्थल पर ही किसानों ने खाना बनाकर खाया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि मूंढापांडे के किसानों ने बाढ़ से हुई बर्बादी के मामले में दस दिन पहले जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया था। बताया था कि बाढ़ के चलते फसलें और घर बर्बाद हो गए। किसानों की खतौनी का वितरण नहीं दिया गया। चकबंदी हुए गांंवों में अभी तक पैमाइश नहीं हुई। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इन समस्याओं पर जिला प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।
इसके कारण किसान धरने पर बैठ गए। भाकियू नेता नरेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि उनकी समस्या सुनने के लिए कोई अधिकारी धरनास्थल पर नहीं आया। किसान समस्या का समाधान होने पर ही वापस घर लौटेंगे। इस माैके पर धर्मेश सिंह, माखन सिंह, दीपक चौधरी, प्रेम पाल सिंह सहित अन्य किसान नेता धरना दे रहे हैं।
वहीं शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने धरना स्थल पर पहुंचकर भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी से वार्ता की। शिवसेना ने किसानों को पूर्ण रूप से समर्थन देने का वादा किया।