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Moradabad News: किसानों ने बथुआखेड़ा में सेंचुरी की 500 बीघा भूमि पर बोया गेहूं

Wed, 15 Jan 2025 01:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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ठाकुरद्वारा। किसानों ने मंगलवार को गांव बथुआखेड़ा में सेंचुरी की भूमि पर कब्जा कर उसकी ट्रैक्टरों से जोताई कर दी। करीब 500 बीघा भूमि की जुताई कर किसानों ने उसमें गेहूं की फसल बो दी है। सूचना पर पुलिस पहुंची तो किसानों ने कह दिया कि कोर्ट से स्टे खत्म हो गया है। अब उन्हें गेहूं की भूमि की जुताई करने से नहीं रोक सकते।
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36 वर्ष पूर्व सात गांव के किसानों की 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण तत्कालीन केंद्र सरकार ने नेपा पेपर मिल के नाम से किया था। इसका शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 15 सितंबर 1989 को किया था, लेकिन 1996 में केंद्र की तत्कालीन सरकार में इसे सेंचुरी को बेच दिया था। सेंचुरी ने अभी तक वहां पर कोई भी उद्योग नहीं लगाया है। जबकि भूमि देने वाले किसान अपनी भूमि को वापस देने और उन्हें 36 साल का बेरोजगारी भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। एक साल से उनका गांव बथुआखेड़ा में सेंचुरी की भूमि पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन चल रहा है। किसानों ने कई बार भूमि को जोतने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। सेंचुरी मिल प्रबंधन और किसानों के बीच टकराव भी हुआ। जिसमें पुलिस और मिल प्रबंधन की ओर से किसानों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। किसानों ने अक्टूबर 2024 में भूमि जोतने की कोशिश की तो पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाकर और कोर्ट के आदेश का हवाला देकर रोक दिया था। लेकिन इसके बाद वार्ता के नाम पर किसानों को आश्वासन ही दिया जाता रहा। इस पर किसानों ने 29 दिसंबर 2024 को बुढानपुर में सेंचुरी की भूमि की जुताई कर फसल बो दी थी। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के कहने पर किसानों ने आगे की जुताई बंद कर दी थी।
एसएसपी ने मुरादाबाद में दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की और उनसे अपने-अपने पक्ष के प्रमुख लोगों को वार्ता के लिए नाम देने को कहा था। लेकिन अभी तक वार्ता नहीं हुई। इस पर किसानों ने मंगलवार को करीब 30 ट्रैक्टर ले जाकर बथुआखेड़ा में सेंचुरी की भूमि की जुताई कर दी। करीब 500 बीघा भूमि की जुताई कर दी और गेहूं की फसल बो दी। इस दौरान महिलाओं ने भी खेतों में आकर गेहूं की फसल बोने में किसानों का सहयोग किया। सूचना पर एएसपी अमरिंदर सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो तो उन्हें किसानों ने कोर्ट का स्टे निरस्त होने का आदेश दिखाया। कहा कि कोर्ट ने 12 अप्रैल 2024 को सेंचुरी के पक्ष में दिया स्टेट ऑर्डर निरस्त कर दिया है। इसलिए अब पुलिस उन्हें भूमि को जोतने से नहीं रोक सकती है। किसानों ने कहा कि वे बेरोजगार है इसलिए परिवार को अपनी दी गई भूमि में फसल बोने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। इस दौरान किसान यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद यादव, तुषार यादव ,नितिन यादव, सोमपाल सिंह, बलबीर सिंह, साबिर हुसैन, लाखन सिंह, वेदपाल चौधरी, साबिर हुसैन आदि मौजूद रहे।
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भूमि जोतने के लिए दिया गया स्टे कोर्ट से निरस्त
- इस संबंध में एसडीएम प्रीति सिंह ने कहा कि 13 जनवरी को किसानों को भूमि जोतने के लिए दिया गया स्टे कोर्ट से निरस्त हो गया है। पहले कोर्ट का स्टे था तो पुलिस प्रशासन की ओर से उसका पालन किया जा रहा था। अब पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी वहां पर शांति व्यवस्था कायम रखने की है। यह विवाद किसानों और सेंचुरी प्रबंधन के बीच है। इस मामले में सेंचुरी मिल प्रबंधन ही अपनी ओर से कार्रवाई कर सकता है।
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