किसान सोमवार को बिजली और गन्ना अधिकारियों की मनमानी से ज्यादा उग्र हुए। दोपहर 11 बजे से बिजली और गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों से मिलने को लगातार आने का समय देते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित किसानों ने कई बार चेतावनी भी जारी की। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी गन्ना व बिजली के अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद ही किसान धरने पर पहुंचे।
किसानों का आरोप था कि बिजली निगम के अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। बिजली कनेक्शन के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। जो वसूली नहीं दे रहे हैं, उनके कनेक्शन नहीं किए जा रहे हैं। किसानों की बकाया बिल पर आरसी जारी कर दी गई है। जर्जर तारों को बदला नहीं जा रहा है और फाल्ट ठीक करने के पांच सौ रुपये लाइनमैन वसूलता है। इसी तरह गन्ना अधिकारी किसानों की समस्या सुनने की बजाय मिल प्रबंधन के पक्ष में रहते हैं।
धरना स्थल पर अंबेडकर पार्क में इन अधिकारियों के न पहुंचने पर गुस्साए किसानों ने जाम लगा दिया। जाम पर पहुंचे पावर कारपोरेशन के एसई पर भी किसानों ने अपना गुस्सा निकाला। अब किसान 30 मई को डीएम के साथ होने वाली बैठक में बिजली अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य लेकर मिलेंगे।