बिलारी। ब्लॉक के फतेहपुर नत्था गांव में किसान सोहन सिंह के खेत में खड़ी धान की खराब हुई फसल की जांच करने गए वैज्ञानिकों के सामने ही किसानों की जिला कृषि अधिकारी से जमकर नोकझोंक हुई। कृषि विभाग के कर्मचारियों पर जानबूझकर गलत बीज देने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से मुआवजा मांगा और सम्मानजनक समाधान न होने पर कृषि विभाग के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
नीमरी गांव के रकबे में किसान सोहन सिंह के खेत में खड़ी धान की लगभग समस्त फसल ही खराब नजर आ रही है। यहां जब जिला कृषि अधिकारी डा. राजेंद्रपाल सिंह ने किसान से यह पूछा कि क्या तुमने फसल में कोई कीटनाशक तो नहीं लगाया है इस पर किसान सोहन सिंह भड़क गया। उसके समर्थन में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्यामबाबू, विपिन कुमार,नरेशपाल, ध्यान सिंह, पप्पू सिंह, किशनवीर सिंह, भूरे आदि आगे आ गए और उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से नोकझोंक करते हुए हंगामा किया।
किसानों का कहना था कि जब राजकीय कृषि रक्षा इकाई बिलारी से धान की नई प्रजाति का प्रमाणित बीज लिया गया और धान की फसल की प्रगति के बारे में लगातार समय समय पर कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को बताया तब उन्होंने गंभीरता क्यों नहीं दिखाई। किसानों का यह भी कहना था कि जब राजकीय इकाई से लिया गया बीज खराब निकलेगा तब उसके लिए कृषि विभाग के अलावा और किसे जिम्मेदार माना जाएगा। आक्रोशित किसानों ने जिला कृषि अधिकारी के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। किसान यह भी मांग कर रहे थे कि आरोपी विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाए और बिलारी क्षेत्र के जितने किसानों की धान की फसल खराब हुई है उन सभी को मुआवजा दिलाया जाए। किसानों ने यह भी चेतावनी दे डाली की यदि इस समस्या का शीघ्र और सही समाधान नहीं निकला तब क्षेत्र के किसान कृषि विभाग के सभी आगामी कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे।
उधर जिला कृषि अधिकारी डाॅ.राजेंद्रपाल सिंह का कहना है कि किसान की शिकायत पर समय समय पर विभागीय कर्मियों द्वारा खेत पर जाकर फसल की जांच की गई है। विभाग की मांग पर ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से आई टीम ने फसल के नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि धान की प्रजाति में किस स्तर पर और कहां से क्या कमी रही अथवा किसान की ओर से फसल की देखभाल करने में कहीं कोई कमी रही।