गन्ना के बकाया भुगतान को लेकर किसानों का प्रदर्शन गुस्सा फिर से बढ़ने लगा है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ किसानों ने डीएम कार्यालय पर कब्जा जमा लिया। तीन घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय में वार्ता के लिए बैठे रहे। अन्य अधिकारियों ने आकर उनसे वार्ता की। किसी तरह किसानों का ज्ञापन लेने के मनाया। इसके बाद 11 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी देकर किसान वहां हटे।
किसानों के मिल मालिकों पर गन्ने के बकाया का भुगतान करा पाने में प्रशासन भी नाकाम साबित हो रहा है। इसको लेकर किसानों में गुस्सा है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी सहित किसी भी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई तो जिलाधिकारी कार्यालय में जमकर बैठ गए। अन्य अधिकारियों के समझाने के बावजूद किसान जिलाधिकारी के अलावा किसी और से वार्ता करने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने फोन पर वार्ता की। कुछ देर बाद एडीएम सिटी, एडीएम फाइनेंस, जिला गन्ना अधिकारी को वार्ता के लिए भेजा। किसानों ने कहा कि दो जून को भाकियू के प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला था। जिलाधिकारी के साथ बैठक में तय हुआ था कि 18 जून तक बिलारी मिल का पूरा भुगतान और अन्य मिलों का तीस जून तक कराने का आश्वासन दिया था।
इसके बावजूद किसान अपने भुगतान के लिए अभी तक इंतजार कर रहे हैं। बताया गया कि बिलारी मिल की चीनी बिक नहीं रही है। किसानों ने बकाए के बदले चीनी उन्हें देने की मांग रख दी। किसानों के साथ वार्ता में तीन घंटे का समय लगा। बाद में किसानों ने तीस जुलाई तक भुगतान की सभी प्रक्रिया पूरी करने की मांग रख दी। इसके साथ ही 11 जुलाई से आंदोलन की घोषणा कर दी। इस अवसर पर राजवीर सिंह, वीर सिंह, माखन सिंह, अमर पाल सिंह, जयवीर सिंह, वीरपाल सिंह, मनोज कुमार, राजेंद्र सिंह, रामा पहलवान, प्रेमपाल सिंह, वेद प्रकाश, बाबू सिंह, सतीश प्रकाश, रवि प्रकाश आदि मौजूद रहे।