कांठ। तहसील क्षेत्र के गांव पचोकरा में दो दिन पहले बछड़े को निवाला बनाने के बाद रविवार को खलीलपुर के जंगल में नलकूप पर पानी पीते हुए एक साथ तीन तेंदुए देखे गए। एक साथ तीन तेंदुए देख किसान के होश उड़ गए। इसके बाद किसान ने फोन कर ग्रामीणों को जानकारी दी। इस पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल पहुंचे लेकिन तब तक तेंदुए वहां से चले गए। ग्रामीणों ने तेंदुओं को पकड़ने की मांग वन विभाग से की है।
तहसील क्षेत्र के गांव खलीलपुर कद्दीम निवासी किसान संजय सिंह रविवार को अपने खेत पर जा रहे थे। जैसे ही वह खेत के पास पहुंचे तो यहां स्थित उनके नलकूप की होज पर एक साथ तीन तेंदुए पानी पीते हुए दिखाई दिए। जिसे देखकर संजय सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने फोन से इस बारे में ग्रामीणों को सूचना दी। जिस पर कई ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तीनों तेंदुए गन्ने के खेत में चले गए। खलीलपुर निवासी श्रीओम विश्नोई, दीप सिंह एडवोकेट, अनिल कुमार, राजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, भानू विश्नोई, अंकुर विश्नोई आदि का कहना है कि इस समय खेतों में गन्ने की छिलाई का काम चल रहा है। ऐसे में तेंदुओं की मौजूदगी के चलते खेतों में काम करना मुश्किल है। ग्रामीणों और किसानों ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की मांग वन विभाग के अधिकारियों से की है।
खेत खाली हो रहे तो बाहर निकल रहे हैं तेंदुए
कांठ। जैसे जैसे गन्ने के खेत खाली हो रहे हैं वैसे वैसे तेंदुए दिखाई देने लगे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने के खेत तेंदुओं और अन्य खूंखार जंगली जानवरों के छिपने के लिए सुरक्षित स्थान है। लेकिन इस समय गन्ना सीजन चल रहा है किसान अपने अपने खेतों को खाली करने के में लगे हुए है। जिसके कारण गन्ने के खेतों में छिपे तेंदुए बाहर निकल रहे है। जिससे खतरा बना हुआ है। हांलाकि अभी तक तेंदुओं ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है लेकिन वह गाय, बछड़ों और अन्य जानवरों को अपना निवाला बना रहे हैं। संवाद