भारतीय सिनेमा की पहली महिला अदाकारा और ब्यूटी क्वीन नसीम बानो के जीवन पर फिल्म की तैयारी शुरू हो गई है। मशहूर संगीतकार और पटकथा लेखक संदीप बांकेश्वर स्टोरी रिसर्च के लिए रामपुर पहुंचे हैं।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि फिल्म अभिनेत्री नसीम बानो नवाब सैय्यद रजा अली खां के दौर में दो साल से अधिक समय तक रामपुर में रही थीं।
इसके बाद 1935 से 1957 तक फिल्म में सक्रिय रहीं। नसीम बानो लोकप्रिय अभिनेत्री सायरा बानो की मां और प्रसिद्ध अभिनेता दिलीप कुमार की सास थीं। उन्होंने पुकार, अनोखी अदा और शीश महल जैसी सुपरहिट फिल्मों में मुख्य किरदार अदा किया था। वह ब्यूटी क्वीन और भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार थीं।
मशहूर संगीतकार व पटकथा लेखक संदीप बांकेश्वर स्टोरी रिसर्च के रामपुर पहुंचे हैं। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां फिल्म की स्टोरी रिसर्च में उनका सहयोग कर रहे हैं। संदीप बांकेश्वर ने नवाब काजिम अली खां के साथ रजा लाइब्रेरी समेत कई स्थानों का दौरा कर नसीम बानो से जुड़ी यादगारों का जायजा लिया।
रजा लाइब्रेरी में उन्होंने हामिद मंजिल की भव्यता को सराहा। दरबार हाल, संरक्षण प्रयोगशाला और लोहारू कलेक्शन में उन्होंने विशेष रुचि ली। रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के काव्य संग्रह संगीत सागर को देखकर हैरान रह गए और तारीफ की।
रजा लाइब्रेरी के निदेशक प्रोफेसर सैय्यद हसन अब्बास ने संगीतकार संदीप बांकेश्वर को कई प्रकाशन भेंट किए। इस दौरान काशिफ खां, अरुण कुमार सक्सेना, हिमांशु सिंह, मुख्तार अहमद, शबाब हुसैन, आरिफ हुसैन आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व संदीप बांकेश्वर ने इमामबाड़ा खासबाग भी देखा।