मुरादाबाद। रेलवे में तैनात ट्रेन के लोको पायलट की फेसबुक आईडी हैक कर उनके फेसबुक दोस्त फोटो पत्रकार से साइबर अपराधी ने रुपयों की मांग की। पैसे देने से मना करने पर पत्रकार को अगवा करने की धमकी दी। लोको पायलट ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑॅनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है।
साइबर अपराधी लगातार निरंकुश होते जा रहे हैं। नये -नये तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। ऐसी ही एक घटना मूल रूप से जनपद अमरोहा के रहने वाले नरेश कुमार के साथ हुई जो रेलवे में लोको पायलट हैं। हेड क्वार्टर काशीपुर में होने पर हाल में वे काशीपुर में रह रहे हैं। नरेश कुमार ने बताया कि सोमवार को उनकी फेसबुक आईडी साइबर अपराधियों ने हैक कर ली और एक नई आईडी डेवलेप कर पहले फेसबुक दोस्तों को फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी और जब वे जुड़ गए तो उन्हें मैसेज भेजने शुरू कर दिए। मैसेंजर पर बीमारी का बहाना बनाकर रुपयों की मांग शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद के एक फोटो पत्रकार को उनके फेसबुक फ्रैंड से हैकर ने सोमवार को तीस हजार रुपयों की मांग की। जिसमें कहा गया कि उनका एक दोस्त बीमार है और दिल्ली अपोलो अस्पताल में भर्ती है इसलिए उन्हें तीस हजार रुपयों की सख्त जरूरत है। कहा गया कि हो सके तो ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कर दें। उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया। जिस पर साइबर ठग ने पत्रकार को गालियां देनी शुरू कर दीं और साथ में अगवा करने की धमकी दी। जिसके बाद लवलीन यादव ने पूरी घटना की जानकारी नरेश कुमार को फोन पर दी। जिस पर नरेश कुमार ने कहा कि उन्होंने तो किसी से रुपयों की मांग की ही नहीं है। दोपहर होते-होते नरेश कुमार के कई फेसबुक दोस्तों के फोन आ गये और रुपयों की मांग का कारण पूछा तो नरेश कुमार ने सभी दोस्तों को सतर्क कर दिया और कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी मैसेज नहीं किया। इस बात को लेकर लोको पायालट नरेश कुमार ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा दी।
आईडी का क्लोन बनाकर भेजते हैं रिक्वेस्ट और मांगते हैं रुपये
मुरादाबाद। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नये-नये तरीके खोज रहे हैं। जिसमें किसी व्यक्ति के बारे में बारीकी से छानबीन कर उसकी फेसबुक आईडी का क्लोन तैयार करते हैं। जिसमें प्रोफाइल पिक भी उसी व्यक्ति की होती है। क्लोन तैयार करने के बाद पहले से व्यक्ति के फे सबुक दोस्तों को रिक्वेस्ट भेजते हैं। और ऐसे में जो लोग रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं तो उनसे फे सबुक मैसेंजर पर बीमरी का बहाना बनाकर रुपयों की मांग करना शुरू कर देते हैं। झांसे में आए लोग कई बार सामने से अपराधी के द्वारा भेजे गये खाते में रुपये भेज भी देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान होने की आवश्यकता है यदि कोई व्यक्ति आपके साथ पहले से ही फेसबुक पर जुड़ा है और उसकी दोबारा रिक्वेस्ट आती है तो उसे किसी भी हाल में स्वीकार न करें वह साइबर टप्पेबाज द्वारा तैयार की गई क्लोन आई डी हो सकती है।
किसी के कहने पर कोई भी एप डाउनलोड करने से बचें
मुरादाबाद। साइबर अपराधियों ने ठगी करने के लिए अपनी एप्लीकेशन भी बना रखी हैं। जिसे डाउनलोड करते ही आपके खाते की पूरी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है। जिसके बाद वे आपके खाते से रुपये उड़ा देते हैं। साइबर एक्सपर्ट विजय कुमार का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति फोन कर कहता है कि उसे आपके खाते में रुपये जमा करवाने हैं और बाद में वह आपसे प्राप्त कर लेगा तो अपनी कोई भी निजी जानकारी उस व्यक्ति के साथ साझा न करें। और साथ ही किसी भी व्यक्ति के कहने से किसी एप पर जाएं।
फेसबुक आईडी हैक हो गई है तो क्या करें
मुरादाबाद। यदि आपकी फेसबुक आई डी हैक हो गई है तो आप तत्काल सेटिंग्स में जाकर अपना पासवर्ड बदल लें। और यदि आपने अपने मोबाइल नंबर को पासवर्ड बना रखा है तो उसे बदलकर कठिन बनाएं। इसके बाद लॉग आउट फ्रॉम ऑल सेशन कर लें। जिससे आपके लॉगआउट होने से जालसाज भी उस आईडी से बाहर हो जायेगा। यदि आपने अपनी फेसबुक आईडी बनाकर बिना प्रयोग किये छोड़ दी है तो कृपया उसे बंद कर दें क्योंकि साइबर अपराधी आपकी आईडी को फिर से एक्टिवेट कर लोगों को रिक्वेस्ट भेज सकते हैं।