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राहत पैकेज के लिए वाणिज्य मंत्री से मिले निर्यातक

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मुरादाबाद। मंदी की मार से जूझते मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग की समस्याएं लेकर निर्यातकों का प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मिला। सांसद डा. एसटी हसन के नेतृत्व में वाणिज्य मंत्री से मिले निर्यातकों ने इंडस्ट्री को बचाने के लिए खास रियायतों की मांग की है।
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सांसद डा. एसटी हसन ने वाणिज्य मंत्री से मांग की है कि मुरादाबाद को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाले यहां के हस्तशिल्प उद्योग को बचाने के लिए सरकार मदद करे। निर्यातकों की ओर से इंडस्ट्री की समस्याएं गिनाते हुए ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सतपाल ने मंत्री से कहा कि मुरादाबाद से 8500 करोड़ रुपये का निर्यात सालाना होता है जबकि 1500 करोड़ रुपये का घरेलू कारोबार होता है। लेकिन मंदी की वजह से 10000 करोड़ रुपये टर्न ओवर वाली यह इंडस्ट्री 6000 करोड़ रुपये सालाना पर सिमट सकती है। उन्होंने ईरान के साथ ठप्प पड़े एक्सपोर्ट को शुरू कराने, अभी तक ईरान को हुए निर्यात पर जीआर-1 क्लियर कराने, रिस्की सूची में आए निर्यातकों के इंसेंटिव नहीं रोकने की मांग मंत्री से की है। इसके अलावा मंत्री का यह भी बताया गया कि एक नवंबर 2017 से 31 जुलाई 2018 तक एमईआईएस लाइसेंस को पांच फीसदी से बढ़ाकर सात फीसदी किया गया था। लेकिन जानकारी के अभाव में निर्यातक इसका फायदा नहीं उठा सके थे। सरकार निर्यातकों को एक मौका दे ताकि उस अवधि का दो प्रतिशत अतिरिक्त एमईआईएस वह क्लेम कर सकें। प्रतिनिधि मंडल में ईपीसीएच के सीओए मेंबर अब्दुल अजीम, गानिब मियां समेत कई निर्यातक और दस्तकार शामिल थे।
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