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पांच महीने में 15 फीसदी तक गिरा हस्तशिल्प निर्यात

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मुरादाबाद। नोट बंदी और जीएसटी के बाद से लड़खड़ा रही मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री की स्थिति अब और भी खराब हो गई है। पिछले पांच माह में इंडस्ट्री से होने वाले एक्सपोर्ट में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। आईसीडी से पोर्ट को रवाना होने वाले कंटेनर के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पिछले पांच माह में शिपमेंट में 2586 कंटेनर की कमी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा माह दर माह लगातार तेजी से गिरता जा रहा है।
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मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से अमेरिका, इंग्लैंड समेत दुनिया के करीब 150 देशों को हर वर्ष 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है। यहां बनने वाले पीतल, कांच, एल्युमीनियम के हस्तशिल्प उत्पादों की दुनियाभर के देशों में खास डिमांड रहती है। लेकिन पिछले कुछ समय से हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर मंदी के बादल छाए हैं। नोटबंदी के झटके के बाद जीएसटी ने निर्यातकों की बड़ी रकम को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद सरकार से मिलने वाली रियायतें भी कदम दर कदम निर्यातकों से छिनती गईं। अमेरिका की ओर से जीएसपी का दर्जा छीन लिए जाने के बाद अमेरिकी बाजारों में टिके रहना निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध हस्तशिल्प निर्यातकों से ईरान का बाजार पहले ही छीन चुके हैं अब अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार ने स्थिति और भी खराब कर दी है। शिपमेंट के आंकड़े बताते हैं कि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट पिछले पांच महीने में 15 फीसदी तक गिर चुका है। पिछले कुछ महीनों में निर्यात इकाइयों ने कर्मचारियों की छंटनी भी शुरू कर दी है। निर्यातकों का कहना है कि यही हाल रहा तो छंटनी के आंकड़ों में तेजी से इजाफा होगा। एक्सपोर्ट को मंदी से उबारने के लिए वित्त मंत्री ने एमईआईएस समेत कुछ सुविधाएं बहाल करने की घोषणा की है लेकिन निर्यातक इसे नाकाफी बता रहे हैं।
तुलनात्मक रूप से कंटेनर शिपमेंट के आंकड़े
माह 2018 2019
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अप्रैल 3246 2765
मई 3583 3064
जून 3626 2848
जुलाई 3735 3532
अगस्त 4144 3539
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18334 15748
वित्तीय वर्ष 2018 के शुरुआती पांच महीनों में 18334 कंटेनर का शिपमेंट हुआ था। जबकि वित्तीय वर्ष 2019 के शुरू के पांच महीनों में 15748 कंटेनर का शिपमेंट मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शिपमेंट में 2586 कंटेनर की कमी आई है। जो इस बात का स्पष्ट सुबूत है कि मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग पर मंदी की मार पड़ी है और अभी तक निर्यात में करीब 15 फीसदी की कमी आ चुकी है। यह आंकड़ा आगे आने वाले दिनों में और भी खराब हो सकता है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। - सतपाल, पूर्व चेयरमैन, ईपीसीएच।
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