मई में भी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में इतनी तपिश नहीं होगी, जितनी इन दिनों है। बुखार से अस्पतालाें की ओपीडी तप रही है। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में 60 से 70 फीसदी बुखार पीड़ित होते हैं। यही कारण है कि हर दिन जिले में बुखार के चार हजार से अधिक मरीज मिल रहे हैं।
अगर सरकारी में जिला अस्पताल की बात करे तो आम दिनों यहां की ओपीडी में 1200 से 1300 मरीज पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों मरीजों का हुजूम पहुंच रहा है। ओपीडी को बुखार चढ़ गया है। जो फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ के कमरों के बाहर मरीजों की लंबी कतार के कारण बन रहे हैं। यही हाल प्राइवेट अस्पतालों का है।
छोटे बड़े सभी हास्पिटलों में बुखार के मरीजाें की संख्या बढ़ी है। डाक्टरों की माने तो सरकारी और प्राइवेट अस्पतालाें की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में सबसे अधिक बुखार पीड़ित होते हैं। जो 60 से 70 प्रतिशत होते हैं। वहीं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए कैंप में करीब दो हजार बुखार के मरीज मिले हैं।