मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना
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पढ़ाने वाले गुरुजी अपना ही वोट सही तरीके से नहीं डाल सके। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में हर 11वां शिक्षक वोट डालने में फेल हो गया। 3183 शिक्षकों के मत निरस्त हो गए। यह कुल पड़े मतों का 9.06 फीसदी है।
जबकि कुल 35149 वोट पड़े थे। मतपत्र पर वरीयता दर्ज करने में हुई गलतियों के कारण इन मतों को अमान्य करार दिया गया। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में 17 उम्मीदवार मैदान में थे। 23 अक्तूबर को हुए मतदान में 47701 शिक्षकों से 35149 ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
12552 शिक्षक वोट डालने नहीं पहुंचे। मंगलवार को बरेली में इन मतों की गणना हुई, जिसमें 21672 मत पाकर भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो विजयी रहे। वहीं मतगणना के दौरान 3183 मत अवैध पाए गए। निर्वाचन अधिकारी ने इन मतों को निरस्त कर दिया।
चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को इन मतों का लाभ नहीं मिल सका। निरस्त हुए वोट कुल पड़े मतों का नौ प्रतिशत है। जबकि पढ़े-लिखे इन गुरुओं को मतदान से पहले प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर वोट डालने के सही तरीके बताए थे।
यही नहीं मतदान के दिन भी बस्ता लगाए बैठे प्रत्याशियों के एजेंटों ने वोट डालने की जानकारी दी थी। बावजूद इसके 3183 शिक्षक मतदान में फेल हो गए। उनका वोट प्रत्याशियों के काम नहीं आया।
निरस्त से अधिक सिर्फ दो उम्मीदवारों को मिले वोट
शिक्षक एमएलसी चुनाव में निरस्त वोटों से अधिक वोट दो प्रत्याशियों को मिले। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को 21672 और दानिश अख्तर को 3996 वोट मिले। जबकि निरस्त वोटों की संख्या 3183 रही।
- इन कारणों से निरस्त हुए मत
- बैलेट पेपर प्रत्याशी के फोटो पर 1 बनाना
- वरीयता देने में 1 की जगह 01 बनाना
- 1 बनाने में लाइन टच करना
- मतदान केंद्रों पर मिले पेन से वरीयता न देना