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योजना अधूरी: इस गर्मी भी साफ पानी की आस नहीं होगी पूरी, मुरादाबाद में जल जीवन मिशन योजना का हाल बुरा

Tue, 14 Apr 2026 12:26 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। मुरादाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य और खराब पाइपलाइन व्यवस्था के चलते जलापूर्ति ठप है। इससे लोगों को भीषण गर्मी में भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में अधूरा पड़ा काम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। साफ पानी हर घर की जरूरत है लेकिन जल जीवन मिशन के करोड़ों के काम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुकाम तक नहीं पहुंच सके। कहीं ओवरहेड टैंक अधूरे हैं तो कहीं पाइपलाइन का काम। कुछ जगह बिछने के फौरन बाद ही पाइप लाइन जवाब दे गई। 

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कुछ जगह सप्लाई शुरू करते ही पाइप लाइन लीकेज की समस्या उठ खड़ी हुई। इन स्थितियों के बीच जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई करने के स्थान पर खामोशी से जलापूर्ति रोक दी गई। ग्रामीण तरह-तरह की शिकायतें रखने के साथ कह रहे हैं कि अफसरों के ध्यान न देने से इस गर्मी में भी पानी के लिए जूझना तय है।

सहसपुर में पाइप लाइन बिछे तब पहुंचे घरों तक पानी
बिलारी के रुस्तमनगर सहसपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत पांच करोड़ खर्च करके बने ओवरहेड टैंक का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा। पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा होने से इस टैंक से पानी की आपूर्ति घरों तक नहीं पहुंच सकी। 

सहसपुर निवासी मोहम्मद वसीम ने बताया कि टैंक का निर्माण लगभग एक साल पहले पूरा हो चुका है लेकिन अब भी इससे साफ पानी मिलने का इंतजार है। मोहम्मद सलीम अंसारी के अनुसार अभी 25 प्रतिशत हिस्से में पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है।

विमल, कल्लू, सुरजा, पूजा ने कहा कि पानी की नई टंकी बनने के बाद भी स्वच्छ पानी लाने के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। जल निगम बिलारी के अवर अभियंता मुकेश सैनी ने बताया कि टेस्टिंग का काम चल रहा है। सहसपुर के कुछ ग्रामीण कनेक्शन लेने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जल्द स्थिति सुधार ली जाएगी।

मझरा बांहपुर में ओवरहेड टैंक अधूरा, हैंडपंप भी नहीं
कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिलक बांहपुर के मझरा बांहपुर में दो साल पहले घर-घर साफ पानी पहुंचाने के लिए काम शुरू हुआ था लेकिन जलापूर्ति अब तक शुरू नहीं हो सकी है। ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा है। गांव निवासी ईश्वरी सिंह ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने के बाद रास्ते दुरुस्त न कराने से समस्या आ रही है।

पानी मिला नहीं, रास्तों की हालत और बिगड़ गई। ओमप्रकाश ने कहा कि अभी तक ओवरहेड टैंक तैयार नहीं हुआ। लिहाजा पानी नहीं मिल सका। नदीम पाशा के अनुसार मझरे में कोई भी इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं है। इससे पानी के लिए और जूझना पड़ता है।

कासमपुर में ओवरहेड टैंक तैयार पर पानी का इंतजार  
कांठ गांव कासमपुर में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक तैयार हुए छह महीने से ज्यादा बीत गए लेकिन पूरे गांव में पाइप लाइन अभी नहीं बिछ सकी है। लिहाजा लोगों को साफ पानी का इंतजार बरकरार है। गांव निवासी रामकुमार सिंह ने बताया कि पाइप लाइन बिछे हिस्से में एक-दो बार पानी छोड़ा तो लीकेज होने लगी।

मुन्ने ने कहा कि बेटे मोहम्मद इमरान ने कनेक्शन ले रखा है लेकिन पानी अब तक नहीं मिला। शमशाद अली ने भी यही बात दोहराई। कहा कि टेस्टिंग में ही पाइप लाइन लीकेज शुरू होने के बाद किसी की जिम्मेदारी भी तय नहीं की गई। ग्राम सचिव उर्वशी सिंह ने लाइन में जगह-जगह लीकेज की बात स्वीकार की। कहा कि जिम्मेदारों को समस्या बताई जा चुकी है।

पाइप लाइन लीक, नहीं आता पानी
मूंढापांडे के ग्राम पंचायत भीतखेडा में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकी एक साल से शोपीस बनी है। गांव के निवासी अफसर अली, आरिफ, मोहम्मद इकबाल, रियासत अली ने बताया कि पाइप लाइन बिछाई गई थी लेकिन सप्लाई शुरू नहीं की। दुर्गा सिंह, रुकम सिंह ने पाइप लाइन लीकेज की समस्या बताई। छत्रपाल ने कहा कि जिन घरों में पानी आता है, वहां प्रेशर बहुत कम है।

मझरा मिलक मनकरा में भी एक साल के काम के बाद घरों में साफ पानी का इंतजार है। यहां रहने वाले रामौतार ने कम प्रेशर की समस्या बताई। भूकन लाल सैनी के मुताबिक घर तक पाइप लाइन न बिछाने की शिकायत रखी। वेदराम और प्रेम सिंह का कहना है कि पाइप लाइन टूटने से दो महीने से घरो में गंदा पानी आ रहा है। 

समाथल में टंकी बनी मगर पानी नहीं मिला 
पाकबड़ा के ग्राम पंचायत समाथल में वर्ष 2022 में लगभग 353.98 लाख की लागत से पानी की टंकी बनाई गई लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी काफी समय पहले पूरा हो चुका है लेकिन पानी का इंतजार है।

ग्रामीण चंद्रसेन, रमेश, करन सिंह और लकी ने बताया कि टंकी बनने के बाद न तो पानी सप्लाई क लिए टेस्टिंग की गई और घरों तक पानी पहुंचाने पर ध्यान दिया गया। लोगों को आज भी पेयजल के लिए हैंडपंप और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द घर-घर पानी की सुविधा की मांग की है।
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गुजरे चार साल, बैजनाथपुर का वही हाल 
ठाकुरद्वारा ग्राम पंचायत बैजनाथपुर में हर घर जल योजना का काम शुरू हुए चार साल से ज्यादा का वक्त हो गया। डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित था। चार साल बाद भी लोगों का घरों में साफ पानी आने का सपना पूरा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाकर गांव के 170 घरों में कनेक्शन दे दिए लेकिन ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।

सीधे नलकूप से पानी की आपूर्ति करते हैं तो सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचता। नलकूप के आसपास के घरों में अधिकतम 10 मिनट पानी सप्लाई का औसत है। बिजली का कनेक्शन न होने से नलकूप को सोलर पैनल से चलाया जाता है। ओवरहेड टैंक के आसपास उपले नजर आते हैं।

गांव निवासी मुकेश कुमार एडवोकेट ने बताया कि उनके घर आज तक पानी नहीं आया। हेमेंद्र सिंह एडवोकेट ने खोदाई के बाद रास्ते की मरम्मत न होने का दर्द बयां किया। घरों में पानी न आने की समस्या भी बताई। ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि घर में कनेक्शन लेने के बाद भी पानी नहीं आता।

ग्राम प्रधान महेश सिंह का कहना है कि नलकूप से सीधे पानी देने के नाम पर खानापूरी की जा रही है, जिसका पूरे गांव को लाभ नहीं मिलता। अधिकारियों से शिकायत का भी कोई असर नहीं हुआ। पाइप लाइन के लिए खोदी सड़क भी ठीक नहीं की गई है। जल निगम के सुपरवाइजर मनोज यादव ने कहा कि बैजनाथपुर में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है। अभी नलकूप से सीधे पानी दे रहे हैं। शीघ्र टैंक से सप्लाई शुरू कराई जाएगी। 
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