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Moradabad News: सात माह बाद भी शाहेदीन के कातिलों को ढूंढ नहीं सकी पुलिस

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मुरादाबाद। शहर के चर्चित शाहेदीन हत्याकांड के मामले में पुलिस सात माह से तफ्तीश कर रही है लेकिन अभी तक हमलावरों को ढूंढ नहीं सकी। हाईकोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद पुलिस के माथे पर बल पड़ गए हैं।
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मझोला थानाक्षेत्र के लाइनपार मंडी समिति में 29 दिसंबर 2024 की रात स्थानीय लोगों को गोकशी की जानकारी मिली थी। भीड़ ने एक युवक को गोकशी करने के आरोप में घेरकर बुरी तरह पीट दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने मझोला बैंक कॉलोनी निवासी राजकुमार की तहरीर पर शाहेदीन और उसके साथियों पर गोकशी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। इधर शाहेदीन की मौत के बाद भाई आलम की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। पुलिस की विवेचना में आया है कि असालतपुर निवासी अदनान दिहाड़ी पर काम करने के लिए शाहेदीन को लाया था। पुलिस ने अदनान को गोकशी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या के मुकदमे में पुलिस अभी तक कातिलों की गर्दन तक नहीं पहुंच सकी। एसपी सिटी का कहना है कि अभी पुलिस विवेचना कर रही है। आलम के अधिवक्ता ने अदालत में शाहेदीन हत्याकांड को मॉब लीचिंग मानते हुए जांच करने की गुहार लगाई है। सात माह बीतने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे रहते हुए पुलिस अभी तक शाहेदीन पर हमला करने वालों तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस को कोई फुटेज भी हाथ नहीं लग सका है। पुलिस की धीमी तफ्तीश पर भी अब सवाल खड़े हो गए हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
- शाहेदीन पर हमला करने वाले आरोपियों को को पकड़ना तो दूर पुलिस छह माह बाद भी उनकी पहचान तक नहीं कर पाई। जबकि इस घटना की तीन चार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में कई लोग दिखाई दे रहे हैं। उनके चेहरे भी साफ दिख रहे हैं। यही नहीं लाइनपार मंडी समिति की ओर जाने वाले रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
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