रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां की अचल संपत्ति में कोठी खासबाग की कीमत लोक निर्माण विभाग ने 21.36 करोड़ रुपये आंकी है। कोठी के आसपास बने भवनों की कीमत 5.95 करोड़ रुपये आंकी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद कोठी खासबाग की कीमत का मूल्यांकन कर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। अभी नवाब की अचल संपत्ति में शामिल अन्य भवनों की कीमत का आकलन जारी है।
रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति का बंटवारा उनके वारिसों के बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किया जाना है। सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज को इस प्रक्रिया को पूरा कराने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ही आखिरी नवाब की चल और अचल संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है।
नवाब रजा अली खां ने रियासत के विलय के वक्त जो पांच अचल संपत्तियां अपने पास रखी थीं, उनमें 350 एकड़ में फैली कोठी खासबाग भी शामिल है। खासबाग में कोठी का एरिया 45 हजार गज है। 1930 में बनकर तैयार हुई इस कोठी के बारे में दावा किया जाता है कि यह हिंदुस्तान की पहली वातानुकूलित कोठी है।
संपत्ति विभाजन की प्रक्रिया के तहत जिला जज की अदालत ने 24 जनवरी को लोनिवि के अधिकारियों को खासबाग कोठी का मूल्य निर्धारित कर अवगत कराने का आदेश दिया था। विभाग के अधिकारी यह कहते रहे कि यह कोठी एक सौ साल से अधिक पुरानी है, इसकी कीमत आंकने का काम पुरातत्व टीम के स्तर से संभव है।
विभाग की ओर से जब कोठी खास बाग की कीमत के संबंध में कोर्ट को रिपोर्ट नहीं दी तो जुलाई माह में अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया था। कोर्ट ने कहा था कि कोठी का कीमत का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट दें। कोर्ट के आदेश के बाद लोनिवि के अधिकारियों ने कोठी खासबाग की कीमत आंकने का काम शुरू कर दिया था। जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को कोर्ट में प्रस्तुत कर दी गई।
लोक निर्माण विभाग कोठी खासबाग की कीमत 21.36 करोड़ रुपये आंकी है। इसके साथ ही खासबाग में बने अन्य स्थायी तथा अस्थायी निर्माण की कीमत 5.95 करोड़ रुपये आंकी गई है।