मुरादाबाद। ईपीसीएच (एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स) ने जापान के टोक्यो में आयोजित 18वें इंडिया ट्रेंड फेयर में भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा और कारीगरों की उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया। हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय, भारतीय दूतावास और टोक्यो के सहयोग से आयोजित इस मेले में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार और पांच सदस्य निर्यातकों ने भाग लिया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने किया। इस अवसर पर ईपीसीएच की एक्सपोर्ट प्रमोशन सब-कमेटी के अध्यक्ष केएम सुब्रह्मण्यम मौजूद रहे। ईपीसीएच के पवेलियन में भारत की पारंपरिक शिल्पकला की आकर्षक झलक देखने को मिली। इसमें होम टेक्सटाइल, वुड कार्विंग, फ्लोर कवरिंग, वॉल डेकोर सहित अनेक हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। भारतीय राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने पवेलियन में पहुंची और निर्यातकों व शिल्पकारों से संवाद किया। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता और कारीगरों की प्रतिभा की सराहना की। ईपीसीएच की कार्यकारिणी समिति (सीओए) के सदस्य नवेद उर रहमान ने कहा कि भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों की विश्वभर में अलग पहचान है। जापान में ईपीसीएच की भागीदारी भारतीय शिल्पकारों की प्रतिभा और देश के हस्तशिल्प उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।