मुरादाबाद। हाउस टैक्स, वाटर टैक्स के डिफाल्टर औद्योगिक इकाइयों पर सुबह होते ही सील करने की नगर निगम की कार्रवाई से परेशान लघु उद्योग भारती मुरादाबाद से जुड़े उद्यमी मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। यहां उद्यमियों के प्रतिनिधि मंडल ने नगर आयुक्त से मिलकर नाराजगी जाहिर की। अपनी मांगे सामने रखी और समाधान मांगा। जिसमें छोटी और मझोली औद्योगिक इकाइयों को वाटर टैक्स से मुक्त करने के साथ ही सीलिंग की कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने की बात कही।
नगर निगम कार्यालय में मंगलवार को दोपहर बाद हुई बैठक में उद्यमियों ने कहा कि जो फैक्टरी निगम के जल का उपयोग करती ही नहीं तो फिर उनसे वाटर टैक्स क्यों लिया जा रहा है, इससे पूर्ण छूट मिलनी चाहिए। कैलकुलेशन और नोटिस से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए समाधान शिविर लगाने की मांग रखी। इसके अलावा गृह कर (हाउस टैक्स) नोटिस को केस-टू-केस आधार पर सुलझाने, किसी भी फैक्ट्री को सील करने से पहले पहले संबंधित को नोटिस देने और मशीन/कारखाना टैक्स (पावर लोड टैक्स) को लागू करने पर पुनर्विचार करने की मांग रखी। क्योंकि इसे 20 रुपये प्रति किलो वाट से 200 रुपये कर दिया गया है, जो व्यावहारिक नहीं है। जिलाध्यक्ष रचित अग्रवाल ने कहा कि भले ही निगम नोटिस देने का दावा करता है लेकिन नोटिस मिलता ही नहीं, सुबह आठ बजे ही फैक्टरी सील कर दी जाती है, न वहां मालिक होता है और कोई अन्य जिम्मेदार। चेक बुक तक अंदर रह जाती है, तो भुगतान कैसे हो। इसलिए सील करने से पहले बात होना आवश्यक है।
अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार ने बताया कि लघु उद्योग भारती के सभी सदस्यों अपनी नगर निगम से जुड़ी समस्याएं रखी हैं। आज से 25 मार्च तक निगम कार्यालय में दोपहर बाद तीन बजे से शाम छह बजे तक शिविर लगाकर उद्यमियों की आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जिनका निराकरण समय रहते करवा दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता (जिम्मी), प्रदेश महासचिव अमित अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रचित अग्रवाल, जिला महासचिव अमित कपूर, विकास अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विकास गुप्ता, पुष्कर अग्रवाल आदि शामिल रहे।