नगर निगम की टीम ने गुरुवार दोपहर पुलिस को साथ लेकर इंपीरियल तिराहे से टाउन हालत तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। नगर निगम की जेसीबी गरजी तो दुकानदार भड़क गए। उन्होंने नगर निगम और पुलिस के खिलाफ नारेेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर बितर किया। टीम ने अतिक्रमण के दायरे में आ रहे सौ से ज्यादा दुकानों के स्लैब, सीढ़ियां, छज्जे, बोर्ड तोड़ दिए। दुकानदारों और व्यापारियों ने नगर आयुक्त कैंप ऑफिस पर हंगामा किया। इसके बाद कमिश्नर से शिकायत की। उनका कहना है कि नगर निगम सड़कों पर खड़े होने वाले ठेले और खोमचे तो नहीं हटा पा रही। वहीं उनकी पक्की दुकानों को तोड़ा जा रहा है।
नगर निगम और कोतवाली पुलिस गुरुवार को जेसीबी लेकर इंपीरियल तिराहे पर पहुंच गई। टीम ने चौराहे से ही अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने दुकानों के बाहर स्लैब, छज्जे तोड़ने शुरू कर दिए। टीम की इस कार्रवाई से नाखुश दुकानदार और व्यापारी भड़क गए।
उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया। दुकानदार जेसीबी के सामने खड़े हो गए। हंगामा बढ़ने पर दूसरे थानों की पुलिस भी बुला ली गई। इसके बाद पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकारी। तब टीम ने अभियान आगे बढ़ाया। दो घंटे चले इस अभियान में करीब सौ से ज्यादा दुकानों के छज्जे और स्लैब तोड़े गए। व्यापारी और दुकानदार इकट्ठा होकर नगर आयुक्त के कैंप ऑफि स पहुंच गए।
उन्होंने यहां हंगामा किया। इसके बाद सभी लोग कमिश्नर आवास पहुंच गए और उन्होंने नगर निगम और पुलिस पर बेवजह दुकानदारों को परेशान करने का आरोप लगाया। उनका है कि बाजारों में ठेले और खोमचे वाले घूमते हैं। जिनकी वजह से जाम लगता है। लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। जबकि पक्का दुकानों के छज्जे और स्लैब तोड़े जा रहे हैं।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ये अभियान बंद नहीं हुआ तो वह अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद कर आंदोलन करेंगे। व्यापारियों ने बताया कि मंडल आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि अभियान के दौरान व्यापारियों को भी साथ रखा जाएगा। नगर निगम कार्यालय पर विरोध करने वालों में व्यापारी कल्याण समिति के प्रदेश महामंत्री सुनील कत्याल, व्यापारी नेता पंकज नागपाल, वीरेंद्र कत्याल, संजय मेहता समेत दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे।