सीओ सिविल लाइंस अनूप सिंह ने बताया कि मझोला थाने में केजीके कॉलेज की प्रोफेसर ने 15 नवंबर नवंबर को दान सहाय की मिलक निवासी राजेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ग (महिलाओं की अश्लील वीडियो बनाना) की धारा में केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि 10 नवंबर को दोपहर बाद करीब पौने चार बजे वह महिला टॉयलेट में गईं थीं। उस वक्त टॉयलेट से कर्मचारी राजेश कुमार निकल रहा था। उन्होंने टायलेट में जाकर देखा तो एक मोबाइल मिला था।
बरामद मोबाइल राजेश कुमार का था। मोबाइल में वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही थी। इसके बाद आरोपी राजेश भाग गया था। महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि आरोपी राजेश कुमार मोबाइल को टॉयलेट में छिपाकर टीचर और छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।
शुक्रवार को प्राचार्य सुनील चौधरी ने आरोपी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया था। शुक्रवार रात मझोला पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने टीचर और छात्राओं की अश्लील वीडियो बनाने के मकसद से मोबाइल टॉयलेट में मोबाइल रखा था।
सीओ ने बताया कि शनिवार को आरोपी राजेश कुमार का मोबाइल चेक किया गया। उसमें तीन चार वीडियो मिले हैं। उनका कहना है कि वीडियो टॉयलेट के हैं। उनमें महिला दिखाई नहीं दे रही है। जांच में ये भी साफ हो गया है कि वीडियो वायरल नहीं किया गया है। शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।