मुरादाबाद। बच्चों में बढ़ते यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण (यूटीआई) और किडनी संबंधी रोगों के समय पर उपचार को लेकर मुरादाबाद एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (मैप) की ओर से शुक्रवार रात ग्रैंड विलेज में सीएमई आयोजित की गई। कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञों को आधुनिक उपचार पद्धतियों, संक्रमण की पहचान और पीडियाट्रिक सर्जरी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता बीएलके-मैक्स सेंटर फॉर चाइल्ड हेल्थ की प्रिंसिपल कंसल्टेंट पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी डॉ. स्वाति भारद्वाज ने कहा कि बच्चों में बार-बार बुखार, पेशाब में जलन, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह गंभीर यूरिन संक्रमण या किडनी संबंधी बीमारी का संकेत हो सकता है।
उन्होंने एंटीमाइक्रोबियल थेरेपी के सही और संतुलित उपयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बिना आवश्यकता एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग भविष्य में दवा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकता है। कार्यक्रम में बीएलके-मैक्स सेंटर फॉर चाइल्ड हेल्थ के सीनियर डायरेक्टर पीडियाट्रिक सर्जरी एवं यूरोलॉजी डा. प्रशांत जैन ने बताया कि बच्चों की बीमारियों में सही समय पर जांच रिपोर्ट और एक्स-रे की सटीक व्याख्या उपचार को अधिक प्रभावी बनाती है।
कार्यक्रम में मुरादाबाद एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार खट्टर और सचिव डॉ. गौरव त्यागी, डॉ. आरएस कपूर, डॉ. बीके दत्त, डॉ. दिनेश मोहन, डॉ. एमएल श्रीधर और डॉ. विशाल रस्तोगी समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे।