कुंदरकी। नगर में काजी सय्यद जैगम अली नकवी के अजाखाने पर आयोजित मजलिस में परचम अब्बास रिजवी ने मरसिया पढ़ा और नजर हुसैन रिजवी, बाकर अली रिजवी ने पेश ख्वानी की। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना युसूफ अहमद मशहदी ने कहा कि रसूल ए करीम का जन्म उस दौर में हुआ जब अरब में अज्ञानता का अंधेरा था, पैगंबर ए इस्लाम ने ज्ञान देकर अज्ञानता के अधेरों को मिटाया और उन्हे इंसानियत का पैगाम दिया फिर अपने किरदार और अमल से लोगों को मुसलमान बनाया।
इस्लाम, रसूल ए करीम और अहलेबैत को समझने के लिए इल्म का होना जरूरी है। इस्लाम का ताल्लुक इल्म और शुजाअत से है क्योकि इल्म और शुजाअत के बगैर जुल्म और अत्याचार को नहीं मिटाया जा सकता है और न ही जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की जा सकती है। वहीं नगर में देर रात शिया व सुन्नी समुदाय ने मेहंदी का जुलूस निकला जोकि नगर में गश्त करने बाद मंगलवार की सुबह समाप्त हुआ।