गर्मी शुरू होते ही अब बिजली भी रुलाने लगी है। रात को कई - कई घंटे गायब होने से लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल पुराने शहर का है। कनेक्शन बढ़ने के कारण लोड अधिक हो गया है लेकिन ट्रांसफार्मर और विद्युत सब स्टेशनों की क्षमता नहीं बढ़ी है। यही हाल रहा तो मई, जून और जुलाई के महीने में बिजली के और संकट से जूझना पड़ेगा।
पुराने शहर के नागफनी, दौलत बाग, जामा मस्जिद, वारसी नगर, जीआईसी, गुइयां बाग, मकबरा, दसवां घाट, तहसील स्कूल, मुगलपुरा, लाल स्कूल, बरवालान, पचपेड़ा, पीतल बस्ती, गुलाबबाड़ी, करूला, इस्लामनगर, जयंतीपुर, जाहिद नगर इलाकों में पिछले दो साल के दौरान कनेक्शन ज्यादा हो गए है। इन इलाकों केट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। कई साल पहले विद्युत सब स्टेशन की जो क्षमता थी, वहीं आज भी है। विभाग की ओर से क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव भेजे गए लेकिन क्षमता नहीं बढ़ी रहै।
जिसकी वजह से इन इलाकों में बार बार ट्रांसफार्मर ट्रिप कर जाते हैं। विभागीय अधिकारियों का दाबा है कि अंडर ग्राउंड लाइन बिछने से बिजली चोरी रुकी है। छोटे ट्रांसफार्मर हटाकर बड़े ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं। उनके दावे के बावजूद बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो पाया। शहर के कुछ मोहल्लों में तो पंद्रह घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जबकि अफसर चौबीस घंटे बिजली सप्लाई देने के दावे किए हैं।