मुरादाबाद के कुंदरकी में बुजुर्गों की हत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। कुंदरकी थानाक्षेत्र के नानपुर गांव में पशुशाला में सो रहे एक बुजुर्ग किसान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि वारदात को चार नकाबपोशों ने अंजाम दिया है।
किसान के गले, पीठ, पेट में कई वार किए गए। किसान की हत्या के शक में रामपुर और पाकबड़ा के दो लोगों सहित चार के खिलाफ बेटे ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि किसान ने बेटे की शादी हत्यारोपियों में से एक की बेटी से नहीं कराई तो उनकी हत्या की गई है।
मुरादाबाद - अलीगढ़ नेशनल हाईवे से सटे नानपुर गांव निवासी किसान लाखन सिंह (60) के सगे भतीजे ओमपाल पुत्र तुलाराम का बुधवार को लगुन समारोह था। बुधवार दोपहर में लगुन रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र के बूढ़ापुर से नानपुर गांव आई थी।
देर रात लगुन समारोह चला जिसमें पूरा परिवार हंसी खुशी के माहौल में था। घर के करीब डांस पार्टी चल रही थी। लगुन समारोह से खाना खाने के बाद लाखन सिंह पशुओं की देखरेख के लिए अपने घर के सामने बनी पशुशाला में सोने के लिए चले गए थे।
बृहस्पतिवार तड़के किसान की पत्नी फूलवती अपने बड़े बेटे सुभाष राजपूत के साथ पशुशाला में गई तो चारपाई पर लाखन सिंह का लहूलुहान हालत में गला रेता शव पड़ा मिला जिसको देख फूलवती की चीख निकल गई।
किसान के बेटे सत्यपाल सिंह ने कुंदरकी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता लाखन सिंह की चीख पुकार पर उसकी मां-भाई पशुशाला पर पहुंचे। वहां से मुंह पर कपड़ा बांधे चार लोग भागते दिखे।
सत्यपाल ने नारायन सिंह निवासी ग्राम सब्जीपुर थाना पाकबाड़ा और अतर सिंह निवासी ग्राम गौसमपुर नानकार थाना पटवाई जिला रामपुर के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि नारायन सिंह अपनी बेटी की शादी लाखन के बेटे से जबरदस्ती करवाना चाहता था, लाखन ने इसका विरोध किया तो उनको मार डाला ।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई है। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
खून से तरबतर हो गया बिस्तर, सकपका गए लोग
कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम नानपुर में हुई किसान लाखन सिंह की नृशंस हत्या की वारदात से लोग सकपका गए। हत्यारों ने धारदार हथियार से किसान की गर्दन काटने के अलावा सीने और पीठ पर करीब दर्जन भर वार किए।
शरीर से मृतक किसान की गर्दन कुछ ही जुड़ी होना बताई जा रही है। हत्या के दौरान किसान के शरीर से निकले खून से उसका पूरा बिस्तर खून से तरबतर नजर आया। जिसको देखकर परिजनों के अलावा ग्रामीण सकपका गए, जिसको देखकर क्रूरता का अंदाजा लगाया जा रहा था।
किसान की मौत पर पत्नी-बेटियां हुई बदहवाश
किसान लाखन सिंह की मौत पर ग्रामीणों में शोक की लहर देखी गई। बताते हैं कि किसान की गांव में किसी से जाहिरा रंजिश नहीं थी। किसान के शव पर पत्नी फूलवती, तीन बेटियां कुसुम, मीना और रेखा रोते बिलखते बदहवाश नजर आई। बड़े भाई तुलाराम और बेटे सुभाष राजपूत और सत्यपाल सिंह भी बेहाल हो उठे। किसान का बेटा सुभाष राजपूत अपने गांव नानपुर में संचालित फूलवती पब्लिक स्कूल का प्रबंधक है।
मातम में बदली खुशियां: 13 दिसम्बर को जानी है किसान के भतीजे की बारात
किसान लाखन के बड़े भाई ओमपाल का इकलौता बेटा है, जिसकी शादी को लेकर दोनों भाईयों के परिवार में खुशी का माहौल था और शादी को लेकर जरूरी तैयारियां भी चल रही थी। ओमपाल लगुन समारोह में परिजनों के अलावा ग्रामीणों और सगे संबंधी - रिश्तेदार शामिल हुए थे।
बारात जाने का कार्यक्रम आगामी 13 दिसंबर का है। चाचा की मौत से ओमपाल की शादी को लेकर की जा रही तैयारियां को ग्रहण लग गया है वहीं तुलाराम और उनके मृतक भाई लाखन सिंह के परिजनों में कोहराम मच है।