मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति के जमीन घोटाले के मामले में जमीन की ऑडिट चल रही है। अपर आयुक्त के अनुसार ऑडिट के बाद सहकारी अधिकारी (आवास) सभापति सहित अन्य लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। इस मामले में दस लोगों के नाम सामने आए हैं।
मंडल स्तर पर गठित कमेटी के तीन अधिकारियों की जांच में अभी तक 100 करोड़ से अधिक जमीन घोटाले का मामला सामने आया है। समिति भंग कर सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय को अंतरिम अध्यक्ष बनाया है। समिति का संचालन अध्यक्ष के साथ दो अन्य सदस्य करेंगे।
डीएम की तरफ से गठित एसआईटी जमीन की ऑडिट कर रही है। एसआईटी जमीन की मूल और वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेगी। इससे स्पष्ट होगा कि जमीनों का घपला किस स्तर पर किया गया है। इसके बाद सहकारी अधिकारी (आवास) दोषी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। समिति के सदस्यों के हितों के खिलाफ षडयंत्र कर गैर सदस्यों को जमीन की रजिस्ट्री करा दी थी। इस मामले में सहकारी अधिकारी आवास ने 18 जनवरी को ही रिपोर्ट दे दी थी। जांच में समिति के सभापति फूल कुंवर को काफी जिम्मेदार माना गया है। आरोप है कि सभापति की मदद से जमीनों पर अवैध ढंग से लोगों को कब्जा कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय ने बताया कि मंगलवार को आने के बाद वह समिति के कार्यों के बारे में जानकारी लेंगे। ब्यूरो