ईद - उल - फितर का पर्व गुरुवार को पूरे जिले में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। ईदगाह समेत शहर और जिले की तमाम छोटी - बड़ी मसजिदों में ईद की खास नमाज पूरे एहतिमाम के साथ पढ़ी गई। ईदगाह में दो लाख से ज्यादा मुसलमानों ने ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद कौम की तरक्की और देश में अमन चैन के लिए लाखों हाथ दुआ में उठे। ईदगाह में नमाज के बाद जेल में बंद बेगुनाह मुसलमानों की रिहाई को भी दुआ की गई। नमाज के बाद घरों में दावतों का दौर चला।
ईदगाह में ईद की नमाज सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुई। इसके पहले ही ईदगाह मैदान खचाखच भर चुका था। सुबह छह बजे से ही लोगों का ईदगाह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका था। आठ बजते- बजते ईदगाह मैदान तो पूरी तरह भर ही चुका था, दूर तक सड़कें भी खाली नहीं थीं। ईदगाह से लेकर इंद्रा चौक तक और ईदगाह से लेकर भूड़ा चौराहे से आगे लंगड़े की पुलिया तक सड़कों पर नमाजियों की कतारें थीं।
दूसरी ओर संभल पुल पर दस सराय से भी आगे तक नमाजी सड़क पर थे। उधर, कटघर थाने के पास तक सड़क पर नमाजियों की कतारें लगी थीं। सुबह करीब पौने आठ बजे शहर इमाम सैय्यद मासूूम अली आजाद ईदगाह मैदान पहुंचे और उन्होंने नमाजियों को इस्लाम के तहत उनकी जिम्मेदारियों के प्रति आगाह किया। बताया कि सच्चे मुसलमान के फर्ज क्या - क्या हैं।
ठीक साढ़े आठ बजे ईदगाह में ईद की नमाज शुरू हुई। शहर इमाम के बेटे नायब इमाम सैय्यद फहद अली ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लाखों हाथ दुआ के लिए उठे। कौम की तरक्की, गुनाहों की तौबा और देश में शांति के साथ ही जेलों में बंद बेगुनाह मुसलमानों की रिहाई के लिए दुआ की गई, जिस पर एक साथ दो लाख से ज्यादा लोगों ने आमीन कहा। ईद की नमाज पूरी होते ही शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद ने माइक से सभी को ईद की मुबारकबाद दी।
इसके बाद एक - दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। डीएम जुहैर बिन सगीर ने भी ईदगाह मैदान में ईद की नमाज अदा की। उधर, ईदगाह के अलावा भी शहर की तमाम छोटी बड़ी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई।